बीकानेर. शहर की सड़कों को चौड़ी करने तथा यातायात व्यवस्था को सुगम बनाने के लिए जिला प्रशासन ने कई सरकारी भवनों की दीवारों को ध्वस्त करवाया था। इनमें से संभाग के सबसे बड़े पीबीएम अस्पताल की भी एक लंबी दीवार शामिल थी। हालांकि, इसके लिए किसी से स्वीकृति नहीं ली गई थी। कैंसर अस्पताल के पीछे वाले दरवाजे की दीवार से लेकर अस्पताल के 16 नंबर आउटडोर तक दीवार को ध्वस्त कर दिया गया था। इस दीवार को तोड़े करीब पांच माह हो गए, लेकिन प्रशासन यहां पर फिर से दीवार बनाना ही जैसे भूल गया है। ऐसे में यहां पर ऑटो खड़े करने का अवैध स्टैंड बन गया है, जिसके चलते आए दिन जाम की िस्थति बन जाती है। साथ ही यहां पर बनाई गई तारबंदी भी तोड़ दी गई है। इस वजह से रात के समय 16 नंबर आउटडोर का पोर्च शराबियों की शरण स्थली बन गया है।
अब जाम लगने की स्थिति
प्रशासन ने तो जाम से छुटकारा दिलाने के लिए सड़क को चौड़ा करवाने का उपक्रम किया था, लेकिन अब इसका उलटा असर होने लगा है। नए जनाना अस्पताल तथा सोलह नंबर आउटडोर के आगे कोई दीवार नहीं होने के कारण जाम की स्थिति फिर से बनने लगी है। यहां पर सुबह से दोपहर तीन बजे तक आउटडोर के समय टैक्सियां खड़ी रहती हैं व दोपहिया वाहन भी बेतरतीब खड़े रहते हैं। इससे मरीजों को आउटडोर में जाने में व्यवधान उत्पन्न होता है। सोलह नंबर आउटडोर के पास अवैध पार्किंग के अलावा चाय तथा फलों के गाड़े खड़े होने लगे हैं।
ठेके पर नहीं है पार्किंग स्थल
पीबीएम अस्पताल में अब पार्किंग स्थल ठेके पर नहीं हैं। ऐसे में वाहनों को व्यवस्थित रखने के लिए किसी की जिम्मेदारी नहीं है। इस वजह से लोग मनमर्जी से अपने वाहन खड़े कर अस्पताल में चले जाते हैं। पीछे से जाम लगने लगता है, जबकि यह मुख्य सड़क है। इसी सड़क से पवनपुरी कॉलोनी, मेडिकल कॉलेज, शास्त्री नगर, पॉलीटैक्नीक कॉलेज, जय नारायण व्यास नगर सहित कई इलाकों में लोग जाते हैं।
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