मिलेट कॉन्क्लेव में बोले मुख्यमंत्री अशोक गहलोत- बाजरे की पैदावार बढ़ाने पर हो अनुसंधान

जयपुर.

मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने सोमवार को दुर्गापुरा कृषि अनुसंधान केन्द्र में आयोजित दो दिवसीय मिलेट कॉन्क्लेव का शुभारंभ किया। उन्होंने कॉन्क्लेव को संबोधित करते हुए कहा कि जिस तरह से गेहूं और चावल की पैदावार बढ़ी है उसी तरह से कृषि वैज्ञानिक बाजरे की पैदावार बढ़ाने पर अनुसंधान करें। राजस्थान में अनुसंधान के संसाधनों की कमी नहीं है। आज हम गेहूं और चावल के उत्पादन में आत्मनिर्भर हैं।
उद्घाटन कार्यक्रम के बाद मीडिया से बात करते हुए मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने कहा कि किसानों को बाजरे पर समर्थन मूल्य देने के लिए केंद्र सरकार रास्ता निकाले। जब मैं पहली बार मुख्यमंत्री बना तब बाजरे पर समर्थन मूल्य देना शुरू किया। इसके बाद किसी राज्य की सरकार ने ऐसा नहीं किया।
उन्होंने कहा कि हम लघु किसानों को पेंशन भी दे रहे है। राजस्थान में बुजुर्ग, विधवा और अन्य श्रेणियों में 1 करोड़ लोगों को पेंशन दे रहे हैं। देश में हर परिवार को सामाजिक सुरक्षा मिलनी चाहिए। इसे लिए केन्द्र सरकार राइट टू सोशल सिक्योरिटी एक्ट लाए। इसमें सभी को एक समान पेंशन मिलेगी। उन्होंने कहा कि एआईसीसी के निर्देश पर अडानी मामले को लेकर धरना प्रदर्शन हो रहे हैं।
मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने कहा कि जिस रात राज्य में बारिश और ओलावृष्टि हुई उसके अगले दिन गिरदावरी के आदेश दे दिए थे। मिलेट कॉन्क्लेव के उद्घाटन सत्र में कृषि मंत्री लालचंद कटारिया, कृषि राज्यमंत्री मुरारी लाल मीणा, मुख्य सचिव उषा शर्मा व अन्य विशेषज्ञों ने अपने विचार रखे। मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने राज किसान ऐप का लोकार्पण किया और अलग-अलग जिलों से आए किसानों को सम्मानित किया। कृषि मंत्री लालचंद कटारिया ने कहा कि पूरी दुनिया कहां से कहां पहुंच गई। लेकिन आज हम फिर बाजरे पर आ गए हैं। शादियों में लोग तलाशते रहते हैं कि बाजरे की रोटी कहां मिलेगी।



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