छतरगढ़. राष्ट्रीय राजमार्ग सहित अन्य मार्गों पर रोजाना क्षमता से अधिक सामग्री लेकर सड़कों पर सरपट दौड़ते ओवरलोड वाहन कई बार हादसे के कारण बन जाते हैं। चालक दूसरों की जान की परवाह किए बिना वाहनों में सामान भरकर तेज गति से सड़कों पर चलते हैं। डंपरों में क्षमता से अधिक सामान भरा होने पर मोड़ व अचानक सामने से वाहन आने पर चालक कई बार संतुलन खो बैठता है, जिससे हादसा घटित हो जाता है।
कस्बे की नेशनल हाईवे पर देशनोक, हाडलां से बजरी, शोभासर व श्रीबालाजी से कंकरीट और लोडसर व रणधीसर से ग्रीट सहित घड़साना से ईटों से भरे ओवरलोड डंपर दौड़ते नजर आते हैं। इन ओवरलोड वाहनों को रोकने-टोकने वाला कोई नहीं है। जिम्मेदार आंखें मूंदकर बैठे हैं, इन पर कार्रवाई करना तो दूर इन वाहनों की जांच तक नहीं करते हैं। सड़क सुरक्षा अभियान के दौरान महज खानापूर्ति की जाती है।
इनकी है जिम्मेदारी
परिवहन विभाग, खनन विभाग एवं पुलिस विभाग की ओर से इन वाहनों पर संयुक्त कार्रवाई की जरुरत है। ताकि इन्हें कानूनी हिदायत के साथ समय पर वाहनों के कागजात की जांच, चालकों के लाइसेंस आदि की जांच हो सके।
राहगीरों में दहशत
मुख्य मार्गों पर तेज गति से दौड़ते बजरी, कंकरीट व ग्रीट के डम्पर हादसों को न्योता देते नजर आते हैं। हालत यह है कि तेज हॉर्न के साथ बेकाबू दौड़ते डम्परों से राहगीरों में दहशत रहती है। इनसे कई बार हादसे भी घटित हो चुके हैं।
इनका कहना है
&ओवरलोड वाहनों को लेकर अभियान चलाया जाता है। ओवरलोड वाहनों के खिलाफ पुलिस साथ संयुक्त अभियान चलाकर कार्रवाई की करते हैं।
नेमीचंद पारीक, जिला परिवहन अधिकारी, बीकानेर
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