भागीरथ ज्याणी
बज्जू. राज्य सरकार के बजट सत्र में हुई कई घोषणाओं पर अमल अब नहीं हो पाया है। कुछ ऐसा ही नजारा बज्जू उपखंड के नगरासर ग्राम पंचायत में देखने को मिल रहा है। यहां एक वर्ष पहले बजट में उपस्वास्थ्य केंद्र को क्रमोन्नत कर प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र बना दिया था, लेकिन एक वर्ष बाद भी अब तक इस अस्पताल का भवन बना है और ना ही सुविधाएं उपलब्ध हुई है। यहां अभी भी उपस्वास्थ्य केंद्र की ही सुविधा मिल रही है। वही डॉक्टर नही होने से ग्रामीणों में रोष है। मजेदार बात यह है कि अभी तक वित्तीय व स्टाफ लगाने की भी स्वीकृति नही मिली है। ग्रामीणों ने बताया कि अस्पताल की घोषणा से प्रसन्नता हुई थी, लेकिन अब ठगा सा महसूस हो रहा है।
सुविधा बढ़ेगी तो मिलेगी राहतनगरासर में सरकार की घोषणा के अनुसार प्राथमिक अस्पताल चालू हो जाए है तो गांव सहित सेवड़ा व आसपास के गांवों व निकटवर्ती जोधपुर व जैसलमेर क्षेत्र के गांवों के लोगों को भी राहत मिलेगी, लेकिन एक वर्ष बाद भी अस्पताल का नाम तक ऑनलाइन नही हुआ है, तो सुविधाओं का सोचना अभी दूर की बात बनी है।
अभी भी बज्जू का चक्कर..
नगरासर में अस्पताल खोलने की घोषणा एक वर्ष बाद भी सुविधाओं में कोई इजाफा नहीं हुआ है, जिससे गांव के लोगों को चिकित्सा व्यवस्था को लेकर गड़ियाला व बज्जू उपखंड मुख्यालय तक आना पड़ता है। वहीं जोधपुर जिले के बाप कस्बे तक भी जाना मजबूरी बना है।
इनका कहना है
एक अप्रेल से अस्पताल ऑनलाइन हो जाएगा। अभी तक वित्तीय स्वीकृति व स्टाफ की स्वीकृति मिलना लंबित है।एक डॉक्टर अभी लगाया है, जल्द राहत मिलेगी।
डॉ. सुनील जैन, ब्लॉक चिकित्सा अधिकारी, बज्जू
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