भारत राष्ट्र समिति की नेता के कविता के लिए एक और झटका, दिल्ली की राउज़ एवेन्यू कोर्ट ने शुक्रवार (5 जुलाई) को दिल्ली उत्पाद शुल्क नीति घोटाले से जुड़े सीबीआई मामले में उनकी न्यायिक हिरासत 18 जुलाई तक बढ़ा दी। गौरतलब है कि शुक्रवार का फैसला दिल्ली कोर्ट द्वारा केंद्रीय जांच ब्यूरो (भ्रष्टाचार मामला) और प्रवर्तन निदेशालय (मनी लॉन्ड्रिंग मामला) द्वारा दर्ज मामलों में के कविता की जमानत याचिका खारिज करने के ठीक दो दिन बाद आया है।
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अदालत ने प्रथम दृष्टया सबूतों का हवाला दिया जो के कविता को अपराध की आय और मनी लॉन्ड्रिंग के अपराध से संबंधित विभिन्न प्रक्रियाओं और गतिविधियों में रिश्वत के भुगतान में शामिल मुख्य साजिशकर्ता के रूप में दर्शाता है। न्यायमूर्ति स्वर्ण कांता शर्मा ने केंद्रीय एजेंसी की दलीलों और जांच निष्कर्षों का आकलन करने के बाद आदेश में कहा कि इस अदालत की राय है कि के कविता प्रथम दृष्टया दिल्ली उत्पाद शुल्क नीति 2021-22 के निर्माण और कार्यान्वयन के संबंध में रची गई आपराधिक साजिश में मुख्य साजिशकर्ताओं में से एक थी।
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इसके अलावा, उच्च न्यायालय ने कहा कि फिलहाल नियमित जमानत देने का कोई मामला नहीं बनता है क्योंकि जांच महत्वपूर्ण चरण में है। इसने मामले में अकेली महिला आरोपी होने के आधार पर राहत की उसकी याचिका भी खारिज कर दी। अदालत ने फैसला सुनाते हुए कहा, एक सुशिक्षित व्यक्ति और पूर्व सांसद होने के नाते उनकी तुलना एक कमजोर महिला से नहीं की जा सकती और अदालत उनके खिलाफ लगे 'गंभीर आरोपों' को नजरअंदाज नहीं कर सकती।
http://dlvr.it/T9Bchg
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अदालत ने प्रथम दृष्टया सबूतों का हवाला दिया जो के कविता को अपराध की आय और मनी लॉन्ड्रिंग के अपराध से संबंधित विभिन्न प्रक्रियाओं और गतिविधियों में रिश्वत के भुगतान में शामिल मुख्य साजिशकर्ता के रूप में दर्शाता है। न्यायमूर्ति स्वर्ण कांता शर्मा ने केंद्रीय एजेंसी की दलीलों और जांच निष्कर्षों का आकलन करने के बाद आदेश में कहा कि इस अदालत की राय है कि के कविता प्रथम दृष्टया दिल्ली उत्पाद शुल्क नीति 2021-22 के निर्माण और कार्यान्वयन के संबंध में रची गई आपराधिक साजिश में मुख्य साजिशकर्ताओं में से एक थी।
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