एक फौजी की पत्नी होना शहीद होने से ज़्यादा मुश्किल है... सियाचिन में शहीद हुए भारतीय सेना के वीर कैप्टन अंशुमन सिंह की पत्नी स्मृति सिंह का एक वीडियो सोशल मीडिया पर खूब वायरल हो रहा है। भारतीय रक्षा मंत्रालय और डीडी नेशनल द्वारा साझा किए गए इस वीडियो में, स्मृति अंशुमन के साथ गुजारे समय को याद करती नजर आ रही हैं। स्मृति ने बताया कि कैसे कॉलेज के पहले दिन उनकी अंशुमन से उनकी मुलाकात हुई, कैसे दोनों को प्यार हुआ, फिर कैसे दोनों ने आठ साल बाद लॉन्ग डिस्टेंस रिश्ते में रहने के बाद शादी की। स्मृति ने उस दुख से भरे पल को भी याद किया जब अंशुमन और उन्होंने अपने भविष्य के बारे में बात की और अगले दिन सुबह उन्हें अपने पति के शहीद होने की खबर मिली।
स्मृति ने कहा, 'इंजीनियरिंग कॉलेज के पहले दिन हमारी मुलाकात हुई थी। यह पहली नजर का प्यार था। एक महीना ही बीता था कि उनका चयन आर्म्ड फोर्सेज मेडिकल कॉलेज (एएफएमसी) में हो गया। वे सुपर इंटेलिजेंट व्यक्ति थे। एक महीने की मुलाकात के बाद हमारा रिश्ता एक लॉन्ग डिस्टेंस हो गया था। आठ साल के लंबे दूरी के रिश्ते के बाद हमने शादी करने का फैसला किया। शादी के दो महीने बाद ही उनकी सियाचिन में पोस्टिंग हो गई। 18 जुलाई 2023 को हमारी लंबी बातचीत हुई थी कि अगले 50 साल में हमारी जिंदगी कैसी होगी। अपना घर होगा। हमारे बच्चे होंगे और भी बहुत कुछ। 19 जुलाई की सुबह मुझे फोन आया कि वो नहीं रहें।'
स्मृति ने आगे कहा, 'अगले 7-8 घंटे भरोसा ही नहीं हुआ कि ऐसा कुछ हुआ है। मैं यह मानने के लिए तैयार ही नहीं थी कि मेरे पति इस दुनिया में नहीं रहे। आज तक मैं इस दुख से उबरने की कोशिश कर रही हूं, यह सोचकर कि शायद यह सच नहीं है। अब जब मेरे हाथ में कीर्ति चक्र है, तो मुझे अहसास हुआ कि यह सच है।' उन्होंने आगे कहा, 'लेकिन यह ठीक है। वे एक हीरो हैं। हम अपने जीवन को थोड़ा मैनेज कर सकते हैं क्योंकि उन्होंने बहुत कुछ मैनेज किया था। उन्होंने अपना जीवन और परिवार त्याग दिया ताकि अन्य तीन परिवारों को बचाया जा सके।'
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शहीद कैप्टन अंशुमन सिंह और स्मृति सिंह की शादी 10 फरवरी 2023 को हुई थी। शादी के पांच महीने बाद 19 जुलाई 2023 को सियाचिन ग्लेशियर में भारतीय सेना के टेंट में लगी आग की घटना में वह शहीद हो गए। वह 15 दिन पहले ही सियाचिन गए थे। सिंह के अद्वितीय साहस को देखते हुए सरकार ने उन्हें कीर्ति चक्र देने की घोषणा की थी। 5 जुलाई को राष्ट्रपति भवन में उन्हें मरणोपरांत कीर्ति चक्र से सम्मानित किया गया। सिंह की पत्नी स्मृति सिंह और मां मंजू ने नम आँखों से राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू से यह सम्मान प्राप्त किया।
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स्मृति ने कहा, 'इंजीनियरिंग कॉलेज के पहले दिन हमारी मुलाकात हुई थी। यह पहली नजर का प्यार था। एक महीना ही बीता था कि उनका चयन आर्म्ड फोर्सेज मेडिकल कॉलेज (एएफएमसी) में हो गया। वे सुपर इंटेलिजेंट व्यक्ति थे। एक महीने की मुलाकात के बाद हमारा रिश्ता एक लॉन्ग डिस्टेंस हो गया था। आठ साल के लंबे दूरी के रिश्ते के बाद हमने शादी करने का फैसला किया। शादी के दो महीने बाद ही उनकी सियाचिन में पोस्टिंग हो गई। 18 जुलाई 2023 को हमारी लंबी बातचीत हुई थी कि अगले 50 साल में हमारी जिंदगी कैसी होगी। अपना घर होगा। हमारे बच्चे होंगे और भी बहुत कुछ। 19 जुलाई की सुबह मुझे फोन आया कि वो नहीं रहें।'
स्मृति ने आगे कहा, 'अगले 7-8 घंटे भरोसा ही नहीं हुआ कि ऐसा कुछ हुआ है। मैं यह मानने के लिए तैयार ही नहीं थी कि मेरे पति इस दुनिया में नहीं रहे। आज तक मैं इस दुख से उबरने की कोशिश कर रही हूं, यह सोचकर कि शायद यह सच नहीं है। अब जब मेरे हाथ में कीर्ति चक्र है, तो मुझे अहसास हुआ कि यह सच है।' उन्होंने आगे कहा, 'लेकिन यह ठीक है। वे एक हीरो हैं। हम अपने जीवन को थोड़ा मैनेज कर सकते हैं क्योंकि उन्होंने बहुत कुछ मैनेज किया था। उन्होंने अपना जीवन और परिवार त्याग दिया ताकि अन्य तीन परिवारों को बचाया जा सके।'
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शहीद कैप्टन अंशुमन सिंह और स्मृति सिंह की शादी 10 फरवरी 2023 को हुई थी। शादी के पांच महीने बाद 19 जुलाई 2023 को सियाचिन ग्लेशियर में भारतीय सेना के टेंट में लगी आग की घटना में वह शहीद हो गए। वह 15 दिन पहले ही सियाचिन गए थे। सिंह के अद्वितीय साहस को देखते हुए सरकार ने उन्हें कीर्ति चक्र देने की घोषणा की थी। 5 जुलाई को राष्ट्रपति भवन में उन्हें मरणोपरांत कीर्ति चक्र से सम्मानित किया गया। सिंह की पत्नी स्मृति सिंह और मां मंजू ने नम आँखों से राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू से यह सम्मान प्राप्त किया।
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