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{} भीषण गर्मी और पसीने से तरबतर करने वाली उमस से जूझ रहे स्वर्णनगरी के बाशिंदों के लिए बुधवार शाम को कई दिनों के इंतजार के बाद मेघ मेहरबान हुए। शाम करीब 7.15 बजे से तेज बूंदाबांदी का सिलसिला शुरू हुआ, जो लगभग 15 मिनट तक चला। इस दौरान सभी सडक़ें व गलियां पानी से तरबतर हो गईं। गर्मी से परेशान शहरवासियों ने सडक़ों व गलियों के साथ अपने छतों पर चढ़ कर बारिश में नहाने का लुत्फ लिया। हालांकि भारी बरसात की उनकी तमन्ना अधूरी रह गई, फिर भी बारिश का खाता खुलने से वे प्रसन्न दिखे। इस दौरान वातावरण में शीतलता आ गई। इससे पहले राजस्थान भर में बुधवार को एक बार फिर जैसलमेर सबसे गर्म इलाका रहा। यहां अधिकतम तापमान 42.4 और न्यूनतम 29.7 डिग्री सै. रिकॉर्ड किया गया। यह प्रदेश भर में सर्वाधिक है। जैसलमेर के बाद श्रीगंगानगर दूसरा सबसे गर्म जिला साबित हुआ है। बुधवार को दिनभर उमस के कारण लोगों को पसीने से भीगना पड़ा। दक्षिणी हवाओं से गर्मी का सिलसिला अटूट रहा। उस पर हवा में नमी का प्रतिशत भी 41 से 81 प्रतिशत के बीच बना रहा। दिन में आकाश में बादलों की आवाजाही बनी रही। शाम के समय पूरा आसमान बादलों से ढंक गया। इस दौरान नमी और ज्यादा महसूस की गई।भीषण गर्मी और पसीने से तरबतर करने वाली उमस से जूझ रहे स्वर्णनगरी के बाशिंदों के लिए बुधवार शाम को कई दिनों के इंतजार के बाद मेघ मेहरबान हुए। शाम करीब 7.15 बजे से तेज बूंदाबांदी का सिलसिला शुरू हुआ, जो लगभग 15 मिनट तक चला। इस दौरान सभी सडक़ें व गलियां पानी से तरबतर हो गईं। गर्मी से परेशान शहरवासियों ने सडक़ों व गलियों के साथ अपने छतों पर चढ़ कर बारिश में नहाने का लुत्फ लिया। हालांकि भारी बरसात की उनकी तमन्ना अधूरी रह गई, फिर भी बारिश का खाता खुलने से वे प्रसन्न दिखे। इस दौरान वातावरण में शीतलता आ गई। इससे पहले राजस्थान भर में बुधवार को एक बार फिर जैसलमेर सबसे गर्म इलाका रहा। यहां अधिकतम तापमान 42.4 और न्यूनतम 29.7 डिग्री सै. रिकॉर्ड किया गया। यह प्रदेश भर में सर्वाधिक है। जैसलमेर के बाद श्रीगंगानगर दूसरा सबसे गर्म जिला साबित हुआ है। बुधवार को दिनभर उमस के कारण लोगों को पसीने से भीगना पड़ा। दक्षिणी हवाओं से गर्मी का सिलसिला अटूट रहा। उस पर हवा में नमी का प्रतिशत भी 41 से 81 प्रतिशत के बीच बना रहा। दिन में आकाश में बादलों की आवाजाही बनी रही। शाम के समय पूरा आसमान बादलों से ढंक गया। इस दौरान नमी और ज्यादा महसूस की गई।2025-06-25T14:58:23.000Z fromगर्मी के मामले में जैसलमेर सबसे आगे रहा, 15 मिनट बरसे मेघ, लोग हुए बाग-बाग
भीषण गर्मी और पसीने से तरबतर करने वाली उमस से जूझ रहे स्वर्णनगरी के बाशिंदों के लिए बुधवार शाम को कई दिनों के इंतजार के बाद मेघ मेहरबान हुए। शाम करीब 7.15 बजे से तेज बूंदाबांदी का सिलसिला शुरू हुआ, जो लगभग 15 मिनट तक चला। इस दौरान सभी सडक़ें व गलियां पानी से तरबतर हो गईं। गर्मी से परेशान शहरवासियों ने सडक़ों व गलियों के साथ अपने छतों पर चढ़ कर बारिश में नहाने का लुत्फ लिया। हालांकि भारी बरसात की उनकी तमन्ना अधूरी रह गई, फिर भी बारिश का खाता खुलने से वे प्रसन्न दिखे। इस दौरान वातावरण में शीतलता आ गई। इससे पहले राजस्थान भर में बुधवार को एक बार फिर जैसलमेर सबसे गर्म इलाका रहा। यहां अधिकतम तापमान 42.4 और न्यूनतम 29.7 डिग्री सै. रिकॉर्ड किया गया। यह प्रदेश भर में सर्वाधिक है। जैसलमेर के बाद श्रीगंगानगर दूसरा सबसे गर्म जिला साबित हुआ है। बुधवार को दिनभर उमस के कारण लोगों को पसीने से भीगना पड़ा। दक्षिणी हवाओं से गर्मी का सिलसिला अटूट रहा। उस पर हवा में नमी का प्रतिशत भी 41 से 81 प्रतिशत के बीच बना रहा। दिन में आकाश में बादलों की आवाजाही बनी रही। शाम के समय पूरा आसमान बादलों से ढंक गया। इस दौरान नमी और ज्यादा महसूस की गई।
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