8 रुपए की थाली, लाखों की भीड़, अन्नपूर्णा रसोई के लिए लगी दोपहर की रेस



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{} बीकानेर. राज्य सरकार की ओर से शहरी क्षेत्रों में जरूरतमंदों को रियायती दर पर गर्म, पौष्टिक भोजन उपलब्ध कराने के लिए चलाई जा रही अन्नपूर्णा रसोई योजना जरूरतमंदों के लिए सहारा बनी है। बीकानेर जिले की 39 अन्नपूर्णा रसोइयों में सुबह (लंच) के समय अधिक भीड़ देखी जा रही है, जबकि शाम के भोजन (डिनर) में अपेक्षाकृत कम लोग पहुंच रहे हैं। 20 अगस्त 2020 से 20 जून 2025 तक जिलेभर में कुल 1.63 करोड़ लोगों ने अन्नपूर्णा रसोई का लाभ उठाया। इनमें से 89.81 लाख लोगों ने लंच किया, जबकि 74.01 लाख लोगों ने डिनर। यानी, 15.79 लाख लोग अधिक लंच के समय पहुंचे।बीकानेर. राज्य सरकार की ओर से शहरी क्षेत्रों में जरूरतमंदों को रियायती दर पर गर्म, पौष्टिक भोजन उपलब्ध कराने के लिए चलाई जा रही अन्नपूर्णा रसोई योजना जरूरतमंदों के लिए सहारा बनी है। बीकानेर जिले की 39 अन्नपूर्णा रसोइयों में सुबह (लंच) के समय अधिक भीड़ देखी जा रही है, जबकि शाम के भोजन (डिनर) में अपेक्षाकृत कम लोग पहुंच रहे हैं। 20 अगस्त 2020 से 20 जून 2025 तक जिलेभर में कुल 1.63 करोड़ लोगों ने अन्नपूर्णा रसोई का लाभ उठाया। इनमें से 89.81 लाख लोगों ने लंच किया, जबकि 74.01 लाख लोगों ने डिनर। यानी, 15.79 लाख लोग अधिक लंच के समय पहुंचे।2025-06-25T16:14:05.000Z from8 रुपए की थाली, लाखों की भीड़, अन्नपूर्णा रसोई के लिए लगी दोपहर की रेस
बीकानेर. राज्य सरकार की ओर से शहरी क्षेत्रों में जरूरतमंदों को रियायती दर पर गर्म, पौष्टिक भोजन उपलब्ध कराने के लिए चलाई जा रही अन्नपूर्णा रसोई योजना जरूरतमंदों के लिए सहारा बनी है। बीकानेर जिले की 39 अन्नपूर्णा रसोइयों में सुबह (लंच) के समय अधिक भीड़ देखी जा रही है, जबकि शाम के भोजन (डिनर) में अपेक्षाकृत कम लोग पहुंच रहे हैं। 20 अगस्त 2020 से 20 जून 2025 तक जिलेभर में कुल 1.63 करोड़ लोगों ने अन्नपूर्णा रसोई का लाभ उठाया। इनमें से 89.81 लाख लोगों ने लंच किया, जबकि 74.01 लाख लोगों ने डिनर। यानी, 15.79 लाख लोग अधिक लंच के समय पहुंचे।
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