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{} जयपुर। एक नए अध्ययन में यह पाया गया है कि अगर किसी बच्चे में उम्र से पहले ही यौवन (puberty) शुरू हो जाए, तो उसमें मानसिक स्वास्थ्य समस्याओं का खतरा बढ़ सकता है। विशेष रूप से डिप्रेशन (अवसाद) और ADHD (अटेंशन डेफिसिट हाइपरएक्टिविटी डिसऑर्डर) जैसी समस्याएं यौवन शुरू होने के आठ साल बाद तक भी बनी रह सकती हैं।जयपुर। एक नए अध्ययन में यह पाया गया है कि अगर किसी बच्चे में उम्र से पहले ही यौवन (puberty) शुरू हो जाए, तो उसमें मानसिक स्वास्थ्य समस्याओं का खतरा बढ़ सकता है। विशेष रूप से डिप्रेशन (अवसाद) और ADHD (अटेंशन डेफिसिट हाइपरएक्टिविटी डिसऑर्डर) जैसी समस्याएं यौवन शुरू होने के आठ साल बाद तक भी बनी रह सकती हैं।2025-06-26T13:17:08.000Z fromजल्दी आने वाला यौवन मानसिक समस्याओं का कारण बन सकता है: अध्ययन
जयपुर। एक नए अध्ययन में यह पाया गया है कि अगर किसी बच्चे में उम्र से पहले ही यौवन (puberty) शुरू हो जाए, तो उसमें मानसिक स्वास्थ्य समस्याओं का खतरा बढ़ सकता है। विशेष रूप से डिप्रेशन (अवसाद) और ADHD (अटेंशन डेफिसिट हाइपरएक्टिविटी डिसऑर्डर) जैसी समस्याएं यौवन शुरू होने के आठ साल बाद तक भी बनी रह सकती हैं।
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