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{} श्रीमाधोपुर। शहर के गौगढ़ बाबा ब्रह्मचारी आश्रम में आंध्र प्रदेश से पुंगनूर नस्ल की देसी गोवंश की एक नन्ही जोड़ी (बछिया-बछड़ा) का यहां आगमन हुआ है। पुंगनूर नस्ल के गोवंश जोड़ी (बछिया गौरा और बछड़ा शिव) के बाबा ब्रह्मचारी आश्रम में आने पर गौपालक ब्रह्मचारी बाबा के शिष्य सतगिरि महाराज ने खूब दुलारा और उन्हें अपने हाथों से गुड़ खिलाया।श्रीमाधोपुर। शहर के गौगढ़ बाबा ब्रह्मचारी आश्रम में आंध्र प्रदेश से पुंगनूर नस्ल की देसी गोवंश की एक नन्ही जोड़ी (बछिया-बछड़ा) का यहां आगमन हुआ है। पुंगनूर नस्ल के गोवंश जोड़ी (बछिया गौरा और बछड़ा शिव) के बाबा ब्रह्मचारी आश्रम में आने पर गौपालक ब्रह्मचारी बाबा के शिष्य सतगिरि महाराज ने खूब दुलारा और उन्हें अपने हाथों से गुड़ खिलाया।2025-06-26T10:53:23.000Z fromआंध्र प्रदेश से पुंगनूर नस्ल की गाय अब राजस्थान में… दो फीट का कद, बनी आकर्षण का केन्द्र
श्रीमाधोपुर। शहर के गौगढ़ बाबा ब्रह्मचारी आश्रम में आंध्र प्रदेश से पुंगनूर नस्ल की देसी गोवंश की एक नन्ही जोड़ी (बछिया-बछड़ा) का यहां आगमन हुआ है। पुंगनूर नस्ल के गोवंश जोड़ी (बछिया गौरा और बछड़ा शिव) के बाबा ब्रह्मचारी आश्रम में आने पर गौपालक ब्रह्मचारी बाबा के शिष्य सतगिरि महाराज ने खूब दुलारा और उन्हें अपने हाथों से गुड़ खिलाया।
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