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{} मोहित शर्मा.Fake Messages: जयपुर. डिजिटल युग में साइबर ठग फर्जी मैसेज (SMS) के जरिए लोगों को ठगने के लिए नए-नए तरीके adopt कर रहे हैं। इन मैसेज से बचने के लिए टेलीकॉम रेगुलेटरी अथॉरिटी ऑफ इंडिया (TRAI) के कोड्स की पहचान जरूरी है। कई मैसेज के अंत में ‘जी’, ‘टी’, ‘पी’ या ‘एस’ जैसे कोड होते हैं, जो उनके प्रकार को दर्शाते हैं। लेकिन अगर मैसेज के अंत में कोई कोड नहीं है, तो यह स्कैमर्स का जाल हो सकता है।मोहित शर्मा.Fake Messages: जयपुर. डिजिटल युग में साइबर ठग फर्जी मैसेज (SMS) के जरिए लोगों को ठगने के लिए नए-नए तरीके adopt कर रहे हैं। इन मैसेज से बचने के लिए टेलीकॉम रेगुलेटरी अथॉरिटी ऑफ इंडिया (TRAI) के कोड्स की पहचान जरूरी है। कई मैसेज के अंत में ‘जी’, ‘टी’, ‘पी’ या ‘एस’ जैसे कोड होते हैं, जो उनके प्रकार को दर्शाते हैं। लेकिन अगर मैसेज के अंत में कोई कोड नहीं है, तो यह स्कैमर्स का जाल हो सकता है।2025-06-26T07:28:25.000Z fromCyber Fraud: सावधान! ठगी से आपको बचाएगा मैसेज का आखिरी अक्षर, Trai ने जारी किए कोड
मोहित शर्मा.Fake Messages: जयपुर. डिजिटल युग में साइबर ठग फर्जी मैसेज (SMS) के जरिए लोगों को ठगने के लिए नए-नए तरीके adopt कर रहे हैं। इन मैसेज से बचने के लिए टेलीकॉम रेगुलेटरी अथॉरिटी ऑफ इंडिया (TRAI) के कोड्स की पहचान जरूरी है। कई मैसेज के अंत में ‘जी’, ‘टी’, ‘पी’ या ‘एस’ जैसे कोड होते हैं, जो उनके प्रकार को दर्शाते हैं। लेकिन अगर मैसेज के अंत में कोई कोड नहीं है, तो यह स्कैमर्स का जाल हो सकता है।
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