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{} जयपुर: हैरिटेज निगम ने पार्किंग सुविधा के नाम पर करोड़ों का राजस्व तो कमा लिया, लेकिन जनता की सहूलियत के लिए चलाई नि:शुल्क बस सेवा पर ध्यान नहीं दिया। प्रति बस औसतन 10 हजार रुपए किराया जयपुर सिटी ट्रांसपोर्ट कॉर्पोरेशन लिमिटेड (जेसीटीसीएल) लेता है, लेकिन निगम जनता की सुविधा के लिए प्रति माह महज छह लाख रुपए भी खर्च करने को तैयार नहीं है।जयपुर: हैरिटेज निगम ने पार्किंग सुविधा के नाम पर करोड़ों का राजस्व तो कमा लिया, लेकिन जनता की सहूलियत के लिए चलाई नि:शुल्क बस सेवा पर ध्यान नहीं दिया। प्रति बस औसतन 10 हजार रुपए किराया जयपुर सिटी ट्रांसपोर्ट कॉर्पोरेशन लिमिटेड (जेसीटीसीएल) लेता है, लेकिन निगम जनता की सुविधा के लिए प्रति माह महज छह लाख रुपए भी खर्च करने को तैयार नहीं है।2025-08-31T06:14:38.000Z fromजयपुर में रामनिवास बाग से परकोटे तक बस सेवा बंद, पार्किंग माफिया का खेल या हैरिटेज निगम की चाल?
जयपुर: हैरिटेज निगम ने पार्किंग सुविधा के नाम पर करोड़ों का राजस्व तो कमा लिया, लेकिन जनता की सहूलियत के लिए चलाई नि:शुल्क बस सेवा पर ध्यान नहीं दिया। प्रति बस औसतन 10 हजार रुपए किराया जयपुर सिटी ट्रांसपोर्ट कॉर्पोरेशन लिमिटेड (जेसीटीसीएल) लेता है, लेकिन निगम जनता की सुविधा के लिए प्रति माह महज छह लाख रुपए भी खर्च करने को तैयार नहीं है।
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