सडक़ों पर बेजान नहीं, खौफ बन गए आवारा श्वान



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{} सूरतगढ़.नगरपालिका क्षेत्र में आवारा श्वान का आतंक बढ़ता ही जा रहा है। शहर के 45 वार्डों में दिनोंदिन श्वानों के झुंड के झुंड खड़े रहते हैं तथा रोजाना करीब पचास राहगीरों को बाइट के शिकार बना रहे हैं। इस वर्ष सितम्बर माह में अबतक डॉग्स बाइट के शिकार हुए 184 जने उप जिला चिकित्सालय में इंजेक्शन लगवा चुके हैं। डॉग्स बाइट के शिकार लोग सरकारी चिकित्सालयों के साथ साथ निजी चिकित्सालयों में भी ऐसे लोग उपचार करवा रहे हैं। यहां सबसे खास बात यह है कि उप जिला चिकित्सालय में उपचार करवाने वाले लोगों का आकंडा तो दर्ज हो रहा है, लेकिन निजी चिकित्सालयों में उपचार करवाने वाले लोगों का आंकड़ा उपलब्ध नहीं है। वही, नगरपालिका क्षेत्र में आवारा श्वानों की नसबंदी पर कानूनी अड़चन अधिक है। इस वजह से श्वानों की संख्या के साथ साथ डॉग्स बाइट के मामले भी बढ़ रहे हैं।नगरपालिका क्षेत्र में निराश्रित पशुओं के साथ साथ आवारा श्वानों की संख्या लगातार बढ़ रही है। आवारा श्वान सबसे ज्यादा मासूम बच्चों से लेकर बुजुर्ग तक शिकार हो रहे हैं।शहरी क्षेत्र में डॉग्स बाइट के शिकार लोग उप जिला चिकित्सालय,अरबन प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्र के साथ साथ निजी चिकित्सालय में उपचार करवा रहे हैं। शहर कीं गली-मोहल्लों में आवारा श्वानों का झुण्ड पैदल जा रहे लोगों पर हमला बोलकर घायल कर रहे हैं। घायलों का चिकित्सालयों में चार बार इंजेक्शन लगते हैं। डॉग्स बाइट के शिकार हुए लोग अलग-अलग तिथि पर आकर इंजेक्शन लगा रहे हैं।प्रत्येक वार्ड में श्वान की दहशत, हो रहे शिकारशहर के सभी 45 वार्डों में आवारा श्वान की आतंक मचा हुआ है। वार्डों में गली मोहल्लों में आवारा श्वान के झुंड का जमावड़ा रहता है। बच्चों व बुजुर्ग लोग सबसे ज्यादा हमले में शिकार हो रहे हैं।इस वर्ष जनवरी माह में शिवाबाड़ी क्षेत्र में श्वानों के चक्कर में एक युवक की मौत हो गई थी। रात्रि के समय राहगीरों पर आवारा श्वान हमला करने के लिए सदैव तैयार रहते हैं। वही, इन दिनों उप जिला चिकित्सालय में आवारा श्वानों का जमावड़ा लग रहा है। आवारा श्वान लेबर रूम के बाहर तथा ओपीडी गैलरी व ट्रोमा सेंटर परिसर में घूमते रहते हैं। नागरिकों की ओर से कई बार नगरपालिका प्रशासन को आवारा श्वानों की नसबंदी करने की मांग की जा चुकी है। लेकिन कानूनी अड़चनों की वजह से कार्य अभी तक सिरे नहीं चढ़ सका।यह है उप जिला चिकित्सालय में आए श्वान शिकार जनों की स्थितिवर्ष मेल फिमेल कुल2020 1459 505 19642021 1263 468 17312022 1257 539 17962023 1441 596 20242024 1514 593 21072025 1222 585 1810(नोट: वर्ष 2025 के आकंडे अगस्त माह तक के हैं।)समाधान का करेंगे प्रयासनगरपालिका क्षेत्र में आवारा श्वान का आतंक बढ़ गया है। इनकी नसबंदी करवाने में कानूनी अडचन आ रही है। इस समस्या का समाधान के लिए प्रयास करेंगे।-परसराम भाटिया, अध्यक्ष, ब्लॉक कांग्रेस कमेटी, सूरतगढ़इंजेक्शन लगाना जरूरीनगरपालिका क्षेत्र मेंं लगातार आवारा श्वानों का आतंक बढ़ रहा है। डॉग्स बाइट के शिकार होने की स्थिति में प्रभावित नागरिकों को इंजेक्शन अवश्य लगाना चाहिए। ताकि से बचाव हो सके।-डॉ.मनोज अग्रवाल, बीसीएमओ, सूरतगढ़सूरतगढ़.नगरपालिका क्षेत्र में आवारा श्वान का आतंक बढ़ता ही जा रहा है। शहर के 45 वार्डों में दिनोंदिन श्वानों के झुंड के झुंड खड़े रहते हैं तथा रोजाना करीब पचास राहगीरों को बाइट के शिकार बना रहे हैं। इस वर्ष सितम्बर माह में अबतक डॉग्स बाइट के शिकार हुए 184 जने उप जिला चिकित्सालय में इंजेक्शन लगवा चुके हैं। डॉग्स बाइट के शिकार लोग सरकारी चिकित्सालयों के साथ साथ निजी चिकित्सालयों में भी ऐसे लोग उपचार करवा रहे हैं। यहां सबसे खास बात यह है कि उप जिला चिकित्सालय में उपचार करवाने वाले लोगों का आकंडा तो दर्ज हो रहा है, लेकिन निजी चिकित्सालयों में उपचार करवाने वाले लोगों का आंकड़ा उपलब्ध नहीं है। वही, नगरपालिका क्षेत्र में आवारा श्वानों की नसबंदी पर कानूनी अड़चन अधिक है। इस वजह से श्वानों की संख्या के साथ साथ डॉग्स बाइट के मामले भी बढ़ रहे हैं।नगरपालिका क्षेत्र में निराश्रित पशुओं के साथ साथ आवारा श्वानों की संख्या लगातार बढ़ रही है। आवारा श्वान सबसे ज्यादा मासूम बच्चों से लेकर बुजुर्ग तक शिकार हो रहे हैं।शहरी क्षेत्र में डॉग्स बाइट के शिकार लोग उप जिला चिकित्सालय,अरबन प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्र के साथ साथ निजी चिकित्सालय में उपचार करवा रहे हैं। शहर कीं गली-मोहल्लों में आवारा श्वानों का झुण्ड पैदल जा रहे लोगों पर हमला बोलकर घायल कर रहे हैं। घायलों का चिकित्सालयों में चार बार इंजेक्शन लगते हैं। डॉग्स बाइट के शिकार हुए लोग अलग-अलग तिथि पर आकर इंजेक्शन लगा रहे हैं।प्रत्येक वार्ड में श्वान की दहशत, हो रहे शिकारशहर के सभी 45 वार्डों में आवारा श्वान की आतंक मचा हुआ है। वार्डों में गली मोहल्लों में आवारा श्वान के झुंड का जमावड़ा रहता है। बच्चों व बुजुर्ग लोग सबसे ज्यादा हमले में शिकार हो रहे हैं।इस वर्ष जनवरी माह में शिवाबाड़ी क्षेत्र में श्वानों के चक्कर में एक युवक की मौत हो गई थी। रात्रि के समय राहगीरों पर आवारा श्वान हमला करने के लिए सदैव तैयार रहते हैं। वही, इन दिनों उप जिला चिकित्सालय में आवारा श्वानों का जमावड़ा लग रहा है। आवारा श्वान लेबर रूम के बाहर तथा ओपीडी गैलरी व ट्रोमा सेंटर परिसर में घूमते रहते हैं। नागरिकों की ओर से कई बार नगरपालिका प्रशासन को आवारा श्वानों की नसबंदी करने की मांग की जा चुकी है। लेकिन कानूनी अड़चनों की वजह से कार्य अभी तक सिरे नहीं चढ़ सका।यह है उप जिला चिकित्सालय में आए श्वान शिकार जनों की स्थितिवर्ष मेल फिमेल कुल2020 1459 505 19642021 1263 468 17312022 1257 539 17962023 1441 596 20242024 1514 593 21072025 1222 585 1810(नोट: वर्ष 2025 के आकंडे अगस्त माह तक के हैं।)समाधान का करेंगे प्रयासनगरपालिका क्षेत्र में आवारा श्वान का आतंक बढ़ गया है। इनकी नसबंदी करवाने में कानूनी अडचन आ रही है। इस समस्या का समाधान के लिए प्रयास करेंगे।-परसराम भाटिया, अध्यक्ष, ब्लॉक कांग्रेस कमेटी, सूरतगढ़इंजेक्शन लगाना जरूरीनगरपालिका क्षेत्र मेंं लगातार आवारा श्वानों का आतंक बढ़ रहा है। डॉग्स बाइट के शिकार होने की स्थिति में प्रभावित नागरिकों को इंजेक्शन अवश्य लगाना चाहिए। ताकि से बचाव हो सके।-डॉ.मनोज अग्रवाल, बीसीएमओ, सूरतगढ़2025-09-28T06:42:37.000Z fromसडक़ों पर बेजान नहीं, खौफ बन गए आवारा श्वान
सूरतगढ़.नगरपालिका क्षेत्र में आवारा श्वान का आतंक बढ़ता ही जा रहा है। शहर के 45 वार्डों में दिनोंदिन श्वानों के झुंड के झुंड खड़े रहते हैं तथा रोजाना करीब पचास राहगीरों को बाइट के शिकार बना रहे हैं। इस वर्ष सितम्बर माह में अबतक डॉग्स बाइट के शिकार हुए 184 जने उप जिला चिकित्सालय में इंजेक्शन लगवा चुके हैं। डॉग्स बाइट के शिकार लोग सरकारी चिकित्सालयों के साथ साथ निजी चिकित्सालयों में भी ऐसे लोग उपचार करवा रहे हैं। यहां सबसे खास बात यह है कि उप जिला चिकित्सालय में उपचार करवाने वाले लोगों का आकंडा तो दर्ज हो रहा है, लेकिन निजी चिकित्सालयों में उपचार करवाने वाले लोगों का आंकड़ा उपलब्ध नहीं है। वही, नगरपालिका क्षेत्र में आवारा श्वानों की नसबंदी पर कानूनी अड़चन अधिक है। इस वजह से श्वानों की संख्या के साथ साथ डॉग्स बाइट के मामले भी बढ़ रहे हैं।नगरपालिका क्षेत्र में निराश्रित पशुओं के साथ साथ आवारा श्वानों की संख्या लगातार बढ़ रही है। आवारा श्वान सबसे ज्यादा मासूम बच्चों से लेकर बुजुर्ग तक शिकार हो रहे हैं।शहरी क्षेत्र में डॉग्स बाइट के शिकार लोग उप जिला चिकित्सालय,अरबन प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्र के साथ साथ निजी चिकित्सालय में उपचार करवा रहे हैं। शहर कीं गली-मोहल्लों में आवारा श्वानों का झुण्ड पैदल जा रहे लोगों पर हमला बोलकर घायल कर रहे हैं। घायलों का चिकित्सालयों में चार बार इंजेक्शन लगते हैं। डॉग्स बाइट के शिकार हुए लोग अलग-अलग तिथि पर आकर इंजेक्शन लगा रहे हैं।प्रत्येक वार्ड में श्वान की दहशत, हो रहे शिकारशहर के सभी 45 वार्डों में आवारा श्वान की आतंक मचा हुआ है। वार्डों में गली मोहल्लों में आवारा श्वान के झुंड का जमावड़ा रहता है। बच्चों व बुजुर्ग लोग सबसे ज्यादा हमले में शिकार हो रहे हैं।इस वर्ष जनवरी माह में शिवाबाड़ी क्षेत्र में श्वानों के चक्कर में एक युवक की मौत हो गई थी। रात्रि के समय राहगीरों पर आवारा श्वान हमला करने के लिए सदैव तैयार रहते हैं। वही, इन दिनों उप जिला चिकित्सालय में आवारा श्वानों का जमावड़ा लग रहा है। आवारा श्वान लेबर रूम के बाहर तथा ओपीडी गैलरी व ट्रोमा सेंटर परिसर में घूमते रहते हैं। नागरिकों की ओर से कई बार नगरपालिका प्रशासन को आवारा श्वानों की नसबंदी करने की मांग की जा चुकी है। लेकिन कानूनी अड़चनों की वजह से कार्य अभी तक सिरे नहीं चढ़ सका।यह है उप जिला चिकित्सालय में आए श्वान शिकार जनों की स्थितिवर्ष मेल फिमेल कुल2020 1459 505 19642021 1263 468 17312022 1257 539 17962023 1441 596 20242024 1514 593 21072025 1222 585 1810(नोट: वर्ष 2025 के आकंडे अगस्त माह तक के हैं।)समाधान का करेंगे प्रयासनगरपालिका क्षेत्र में आवारा श्वान का आतंक बढ़ गया है। इनकी नसबंदी करवाने में कानूनी अडचन आ रही है। इस समस्या का समाधान के लिए प्रयास करेंगे।-परसराम भाटिया, अध्यक्ष, ब्लॉक कांग्रेस कमेटी, सूरतगढ़इंजेक्शन लगाना जरूरीनगरपालिका क्षेत्र मेंं लगातार आवारा श्वानों का आतंक बढ़ रहा है। डॉग्स बाइट के शिकार होने की स्थिति में प्रभावित नागरिकों को इंजेक्शन अवश्य लगाना चाहिए। ताकि से बचाव हो सके।-डॉ.मनोज अग्रवाल, बीसीएमओ, सूरतगढ़
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