स्वर कोकिला लता मंगेशकर की याद में गूंजे सुरों के मोती
रविंद्र उपाध्याय, स्वरूप खान, संजय रायजादा,डॉ. गौरव जैन, जावेद हुसैन, दीप शिखा जैन और किरण भाट की प्रस्तुतियों ने दर्शकों को झूमने पर मजबूर कर दिया।
जयपुर। स्वर साम्राज्ञी, भारत रत्न लता मंगेशकर की अमर स्मृति में96वें जन्मदिन पर रविवार को कृष्णा ऑडिटोरियम, सीतापुरा में संगीतमयी संध्या “मेरी आवाज़ ही पहचान है” का भव्य आयोजन हुआ। कार्यक्रम के मुख्य अतिथि मशहूर ग़ज़ल गायक पद्मश्री उस्ताद अहमद हुसैन और उस्ताद मोहम्मद हुसैन रहे। इस मौके पर सभागार में उपस्थित श्रोताओं ने हर गीत का आनंद लेते हुए संध्या को जीवंत बना दिया।
कोकिल कंठी सीमा मिश्रा की प्रस्तुति
मरु कोकिला सीमा मिश्रा ने अपनी मधुर और दिल को छू जाने वाली आवाज़ में “ओ पालनहारे” और “गुमनामी है कोई” प्रस्तुत किए, युगल प्रस्तुतियों में उन्होंने “यारा ओ यारा” रवि जैन के साथ और “थाने काजलयो बना दूँ” संजय रायज़ादा के साथ गाकर श्रोताओं को मंत्रमुग्ध कर दिया।
मधु भाट की प्रस्तुति
मधु भाट ने “आपकी नज़रों ने समझा” और “आ जाने जा” गाकर संध्या का समां बांधा, युगल प्रस्तुतियों में उन्होंने “तेरे लिए हम हैं जिए” जावेद हुसैन के साथ और “तेरे संग प्यार में नहीं तोड़ना” रवि जैन के साथ प्रस्तुत किए, जिनमें श्रोताओं ने हर गीत के हर स्वर का आनंद लेते हुए अपनी भावनाओं का इज़हार किया।
रवि जैन की सांगीतिक प्रतिभा
कार्यक्रम में आई. ए. एस अधिकारी रवि जैन ने भी अपनी सांगीतिक प्रतिभा से सबका दिल जीत लिया। उन्होंने सीमा मिश्रा और मधु भाट के साथ युगल प्रस्तुतियों में अपनी मधुर और संतुलित आवाज़ से माहौल को और रोमांचक बना दिया।
ये प्रस्तुतियां भी रही बेहद खास
बॉलीवुड सिंगर रविंद्र उपाध्याय की- तेरे बिन नहीं जीना मर जाना और 16 बरस की बाली उमर को सलाम की प्रस्तुति ने भावुकता की चरम को छू लिया।
बॉलीवुड सिंगर स्वरूप खान द्वारा लग जा गले की प्रस्तुति पर दर्शकों की तालिया से सभागार गूंज उठा।जयपुर की सुरीली युगल गायक जोड़ी डॉ. गौरव जैन,दीप शिखा जैन ने “ऐसा समां ना होता मेरे हमराह” और “जब तक है जान” से माहौल को रोमांटिक बना दिया, डॉ. गौरव जैन ने “दिल जो ना कह सका” और “गाता रहे मेरा दिल” गाकर स्वरांजलि संध्या में भावनाओं की गहराई बढ़ाई, वॉइस ऑफ महेंद्र कपूर- संजय रायज़ादा ने “वादियाँ तेरा दामन” और “तस्वीर तेरी दिल में” गाकर संगीत का रंग और भी प्रगाढ़ कर दिया, मधु भाट और इनके पिता मोहन लाल ने “सौ साल पहले मुझे तुमसे प्यार था” प्रस्तुत कर दर्शकों को भाव विभोर कर दिया, मधु भाट और जावेद हुसैन ने “तुम मेरे सामने” और “आया मौसम दोस्ती का” से संध्या को अविस्मरणीय बना दिया। जावेद हुसैन ने “अगर मुझे महफ़ूज़ है” प्रस्तुत किया, किरण भाट ने “दिल दीवाना बन सजना के” और “तेरे बिना जिया जाए ना” जानदार प्रस्तुति ने सभागार में धूम मचा दिया।
आयोजक मधु भाट कहा की लता मां की स्मृति में यह आयोजन एक छोटी सी कोशिश थी उनके अतुल्य योगदान को सम्मान देने की। मैं सभी स्वनाम धन्य दिग्गज कलाकारों और दर्शकों की आभारी हूं जिन्होंने इसे अविस्मरणीय बनाया।
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