मरु कोकिला सीमा मिश्रा ने किया स्वर माधुरी मल्टीमीडिया का शुभारंभ


कंपनी से होने वाली आय समाज सेवा और लोक कल्याण के कार्यों में लगाया जाएगा :- शिव विनायक

गुरु हर अंश में बसता है, कलाकार सृजन से कभी विराम नहीं लेता :- नलिनी कमलिनी

जयपुर। राजस्थान की रेत से उठती लोक-सुरलहरियों ने आज एक नई संगीत यात्रा का रूप ले लिया जब भारत की लोक संगीत सम्राज्ञी,मरु कोकिला सीमा मिश्रा ने अपनी संगीत कम्पनी ‘स्वर माधुरी मल्टीमीडिया एलएलपी’ का भव्य शुभारंभ किया। 3 नवंबर सोमवार को राजस्थान इंटरनेशनल सेंटर, झालाना डूंगरी के मिनी ) ऑडिटोरियम–2 में आयोजित इस समारोह में लोक-संस्कृति और संगीत का अद्भुत संगम देखने को मिला।


कार्यक्रम का उद्घाटन पद्मश्री उस्ताद डॉ. अहमद हुसैन, उस्ताद डॉ. मोहम्मद हुसैन,पद्मश्री अली मोहम्मद, पद्मश्री गनी मोहम्मद, पद्मश्री राम किशोर छीपा,मुंबई के वरिष्ठ चार्टर्ड अकाउंटेंट कमल पोद्दार तथा गिनीज बुक ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्ड होल्डर कथक नृत्यांगना पद्मश्री नलिनी–कमलिनी ने दीप प्रज्वलित कर किया। इस अवसर पर राजस्थानी भाषा,साहित्य और संस्कृति के संवाहक,वरिष्ठ शिक्षाविद एवं चलकोई फाउंडेशन के संस्थापक अध्यक्ष राजवीर सिंह चलकोई मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहे।


पद्मश्री नलिनी–कमलिनी ने कहा कि गुरु असली जीवन देता है, जीवन के हर अंश में गुरु रहता है। सीमा जी निरंतर संगीत साधना तथा अपने संघर्ष और मेहनत से सफलता के इस सर्वश्रेष्ठ स्थान तक पहुँची हैं। कलाकार कभी रिटायर्ड नहीं होता,वह आगे से आगे गौमुख की तरह दूसरों को देता जाता है। कलाकार स्वयं में कमियाँ ढूँढता है और उन्हें दूर करता जाता है, जबकि अन्य लोग दूसरों में कमियाँ खोजते हैं। कलाकार केवल अपनी कला से प्रेम करता है; यदि वह कहे कि वह किसी और से प्रेम करता है, तो वह झूठ कहता है।पद्मश्री अहमद हुसैन ने कहा, पूरी दुनिया में फैले स्वर माधुरी के स्वर यह मेरी दुआ है। सीमा जी सुरीली और मिलनसार हैं, वैसे ही इनकी कम्पनी भी बने।


पद्मश्री राम किशोर छीपा ने कहा आज से सीमा जी ने असल में कार्य आरंभ किया है, कम्पनी बनाकर उन्होंने अपने सपनों को साकार दिशा दी है।”


पद्मश्री अली गनी ने कहा जैसे भारत में लता मंगेशकर एक हैं, मेहदी हसन एक हैं, वैसे ही राजस्थान में सीमा मिश्रा भी अद्वितीय हैं।

कार्यक्रम की शुरुआत सीमा मिश्रा के सुमधुर स्वरों में तीन भक्ति गीतों के ऑडियो–वीडियो के लोकार्पण से हुई। दो भक्ति गीत राम धुन और गोविंद घर आओ में संगीत दीपक माथुर ने दिया है तथा गणपति गणेश मनाया ए भवानी में संगीत पद्मश्री अली- गनी ने दिया है। म्यूजिक अरेंजर अरविंदर सिंह है, रिकॉर्ड अरुण वीर द्वारा सरस्वती स्टूडियो में किया गया, तीनों भजनों की वीडियो एडिटर सीमा डोगरा है। इन भजनों के पब्लिशर डमरू एप के संस्थापक राम मिश्रा,हूपो मीडिया प्राइवेट लिमिटेड है,हूपो मीडिया दुनिया भर में संगीत के लगभग सभी प्लेटफार्म में भजनों को कुशलता पूर्वक प्रसारित करने का काम कर रही हैं। प्रचार-प्रसार का कार्य सपना आर शर्मा द्वारा किया जा रहा है। 


लोक-संगीत के पारंपरिक रंगों में रची-बसी इन रचनाओं ने दर्शकों, श्रोताओं को राजस्थान की मिट्टी की सुगंध से सराबोर कर दिया।

मरु कोकिला सीमा मिश्रा ने अपने उद्बोधन में कहा, “स्वर माधुरी केवल एक कम्पनी नहीं, बल्कि लोक-संस्कृति की आत्मा को नई पीढ़ी तक पहुँचाने का माध्यम है। हम लोक कलाकारों को वह सम्मान और मंच देना चाहते हैं, जिसके वे सच्चे अधिकारी हैं,क्योंकि लोक की धुनों में ही हमारी मिट्टी की खुशबू और संस्कृति की आत्मा बसती है। यह केवल एक शुभारंभ नहीं, बल्कि लोक-संस्कृति की सतत धारा को नए युग में प्रवाहित करने का प्रयास है, ताकि हमारी परंपराएँ समय के साथ और भी सजीव होकर पीढ़ियों तक पहुँच सकें।”


मरुधरा लोक संस्कृति संवाहक,संवर्धक सीमा मिश्रा 

ने कहा कि आज की संगीत कम्पनियाँ बहुत अधिक व्यवसायिक हो गई हैं जो नहीं होना चाहिए। हमारा समाज के प्रति कुछ दायित्व है जिसका पालन करना हमारा कर्तव्य है स्वर माधुरी का प्रयास है अश्लीलता को रोकना और भारतीय लोक गीत-संगीत के समृद्धशाली विरासत को संरक्षित रखते हुए सृजन एवं संवर्धन का कार्य करना हमारा मुख्य उद्देश्य है। हमारा प्रयास हमारे लोक कलाकारों, लोकगीतों और लोग परंपराओं को उसकी मूल गरिमा के सम्मानजनक तरीके से साथ प्रस्तुत करने का प्रयास है जिसके वे सच्चे अधिकारी हैं।यह यात्रा राजस्थान से शुरू होकर भारत की विविध लोक धाराओं तक जाएगी।ताकि संगीत को उसके मूल भाव में जिया जा सके।


कंपनी के निदेशक शिव विनायक शर्मा ने कहा कि ‘स्वर माधुरी मल्टीमीडिया एलएलपी’ लोक-संगीत और लोक-कला को आधुनिक तकनीक के सहयोग से वैश्विक मंच तक पहुँचाने की दिशा में कार्य करेगी। “हमारा उद्देश्य है कि लोक-संगीत की आत्मा बनी रहे, पर उसकी प्रस्तुति समय के अनुरूप निखरे,” उन्होंने कहा।


उन्होंने यह भी बताया कि, “इस कम्पनी से होने वाली आय समाजसेवा और लोककल्याण के कार्यों में लगाई जाएगी। न केवल राजस्थान, बल्कि देश के अन्य राज्यों की लोक-कला और लोक-संगीत को भी प्रोत्साहन दिया जाएगा।”


इस अवसर पर कला, संगीत, मीडिया, उद्योग-जगत सहित विभिन्न क्षेत्रों के प्रतिष्ठित व्यक्ति समारोह में उपस्थित थे।





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