सीमा मिश्रा की स्वर-सरिता में रंगा फागुन, जारी हुआ एल्बम ‘धीमी चालो ए लुगायां’

गीत में जीवंत हुआ लोक-संवेदना, संस्कृति और नारी-मन का अनुपम संगम


सर्वेश भट्ट. कला समीक्षक, मुंबई 


लोकगीत-संगीत के संरक्षण, संवर्धन और सृजन के संकल्प के साथ निरंतर सक्रिय स्वर माधुरी मल्टीमीडिया ने होली के पावन अवसर पर शिव विनायक शर्मा की परिकल्पना में अपनी दसवीं भव्य प्रस्तुति के रूप में पारंपरिक होली धमाल “धीमी चालो ए लुगायां लहंगों गरद भरे” को श्रोताओं के समक्ष प्रस्तुत किया है। फागुन की मस्ती, रंगों की चंचलता और लोक-संवेदना से ओतप्रोत यह प्रस्तुति मरु कोकिला सीमा मिश्रा की रस भरी आवाज़ में राजस्थानी संस्कृति की आत्मा को सजीव कर देती है I 


गीत की भावभूमि और सांस्कृतिक महत्त्व


“धीमी चालो ए…” केवल शारीरिक गति का संकेत नहीं, बल्कि स्त्री के भीतर बहते भावों, उसकी संवेदनशीलता, संयम और आत्मिक संघर्ष का प्रतीक है। यह चाल उसकी सोच, उसकी पीड़ा और उसकी आशाओं का सांकेतिक रूप बन जाती है। 


"गरद शब्द के हैं मायने'


गीत में ‘गरद’ यानी माटी का उल्लेख स्त्री की पहचान, उसकी जड़ों और जीवन की ठोस सच्चाई से जुड़ाव को और अधिक गहरा बना देता है।


यह लोकगीत नारी के जीवन-संघर्ष, उसकी मासूमियत, सरलता और गरिमा को अत्यंत संवेदनशीलता के साथ उकेरता है। इसमें परंपरा और आधुनिक संवेदना का ऐसा सुंदर समन्वय है, जो इसे केवल श्रवण-सुख तक सीमित नहीं रखता, बल्कि आत्मा तक उतार देता है।


संगीत और स्वर की कालजयी संगति


इस प्रस्तुति को और अधिक प्रभावशाली बना दिया है पद्मश्री अली–गनी के सधे हुए संगीत निर्देशन ने, जिसमें लोकधुनों की सुगंध और शास्त्रीय संयम का अनूठा संतुलन है। वहीं मरु कोकिला सीमा मिश्रा की कोकिल कंठी आवाज़ इस गीत को अमर और कालजयी बना देती है। उनके स्वर में फागुन की मस्ती भी है, विरह की टीस भी और नारी-मन की अनकही संवेदनाएँ भी।


परंपरा, प्रेम और प्रतीक्षा का जीवंत चित्र


यह गीत राजस्थानी संस्कृति की कोमलता, महिलाओं की भूमिका और उनके भीतर छिपे आत्मविश्वास तथा संघर्ष को भीतर से उकेरता है। यह केवल एक होली धमाल नहीं, बल्कि परंपरा, प्रेम और प्रतीक्षा का ऐसा जीवंत दस्तावेज़ है, जिसमें फागुन के रंग, ढोलक की थाप और लोक-मन की धड़कन एक साथ सुनाई देती है।



गीत रचना की टीम


गीत: धीमी चलो ऐ होली धमाल

गायिका: सीमा मिश्रा

गीत लेखन: पारंपरिक

संगीत: अली ग़नी

अरेंजर: अरविंदर सिंह

रिकॉर्डिंग स्टूडियो: अरुण वीर सरस्वती स्टूडियो, दिल्ली

डीओपी / संपादन: जीतुराज प्रजापत

कहानी परिकल्पना / निर्देशन: अक्षत

अभिनय: सीमा मिश्रा, प्रतिभा राठौड़

कोरियोग्राफर: ज्योति शेखावत

मेकअप: रोज़ ख़ान

वीडियो प्रोडक्शन: एरिया 51 प्रोडक्शन

लेबल: स्वर माधुरी

निर्माता: शिव विनायक शर्मा, सीमा मिश्रा

कॉपीराइट: स्वर माधुरी मल्टीमीडिया एलएलपी

प्रकाशन: हूपो मीडिया प्रा. लि.

रिलीज़ तिथि: 21 फ़रवरी 2026 

Post a Comment

और नया पुराने