dharm
भृगुदेव कुलं भानुं, सहस्रबाहुर्मर्दनम्।
रेणुका नयनानंदं, परशुं वन्दे विप्रधनम्।। ॐ जमदग्न्याय विद्महे महावीराय धीमहि। तन्नो परशुराम: प्रचोद…
रेणुका नयनानंदं, परशुं वन्दे विप्रधनम्।। ॐ जमदग्न्याय विद्महे महावीराय धीमहि। तन्नो परशुराम: प्रचोद…
अजिन, दर्भ, पालाश, कमंडलु-एक ओर तप के साधन, एक ओर हैं टँगे धनुष, तूणीर, तीर, बरछे भीषण। चमक रहा तृण…