ख्वाहिश -ए-दिल
वो कभी रह ना पाये ,
एक पल भी मेरे बिना।
हे ईश्वर उसको तु मेरा
इतना अपना सा कर दे ।
मै जता सकु उस पर हक अपना,
और बाकी दुनिया के लिए
उसको तु सपना -सा कर दे ।
मेरी रूह बना कर उसको,
मुझको उसमे शामिल -सा कर दे ।
महसुस कर सके धड़कनों की ख्वाहिश,
इतना उसको मेरे करीब -सा कर दे ।
उसे मुझसे अलग करने वाले,
हर शख्स को तु नाकाम सा कर दे ।
ईश्वर गुजारिश है तुझसे
बस मेरी इतनी सी,
कि वो भूल जाये खुद को ,
दो जिस्म एक जां बनाकर मुझमे फना -सा कर दे ।
सीमा लोहिया
झुंझुनू, राजस्थान
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