बड़ा भाई
ज़िंदगी की घनी धूप में,बरगद सा वो खड़ा है | असंख्य संकटों से मेरे,सशक्त ढाल बन लड़ा है | कहता नहीं …
ज़िंदगी की घनी धूप में,बरगद सा वो खड़ा है | असंख्य संकटों से मेरे,सशक्त ढाल बन लड़ा है | कहता नहीं …
भिखारी कुछ ढूँढ रहा है वो,कचरे में, जाने क्या....? रोटी या किस्मत अपनी। तन पर चिथड़े हैं कम, आँखें…
बच्चे पूछ रहे हैं माँ से बच्चे पूछ रहे हैं माँ से, हम स्कूल फ़िर से कब जा पाएंगे, कब मित्रों से ब…
में अहर्निश बह रहा हूँ कह रहा हूँ ब्रह्म की में ही कथाएँ कह रहा हूँ कामनाओं के बिछाए जाल में में ह…
कुछ नहीं कर पा रहा इंसान जब से कोरोना ने दस्तक दी है ज़िन्दगी नरक सी बन गई है सब की डर के साये में …
मुसीबतसेमुक्ति मुसीबत से मुक्ति होगी कब, यही प्रश्न है होंठो पर। कब असर पड़ा है दुःखों का मक्…
"सीख जाओ सहना ज़िंदगी नहीं रुकने वाली" ज़िंदगी इम्तिहान लेने से बाज़ नहीं आएगी, हमें आद…
चक्रवात.. जब भी दर्द की उष्मा का दबाव घेर लेता है चारों तरफ़ से हमें तब आता है मन के अथाह सागर…
ख्वाहिश -ए-दिल वो कभी रह ना पाये , एक पल भी मेरे बिना। हे ईश्वर उसको तु मेरा इतना अपन…
हम साथ-साथ हैं रामु माली फूल तोड़कर लाता, और हार बनाकर घर-घर देने जाता, एक दिन सड़क पार करते समय …
कोरोना को गायब कर दूँ पल भर में ---------------------------------------- मेरे हाथों में जादू दे द…
सजल ये समय बलवान था अब क्रूर कैसे हो गया। आदमी ही आदमी से दूर कैसे हो गया। संग साथी भी नहीं मन की …
ले चले मुझे.... कितने एहसासो को जिऊँ मै? बोझिल थके कदमों से अनगिनत सफ़र तय किए है मैंने टूटकर चक…
मानवता की परीक्षा है ---------------------------------- एक ओर जहाँ लोग बेहाल भाग रहे यहाँ से वहाँ …