जयपुर में मिनी लॉकडाउन की रिपोर्ट


 

कोरोना संक्रमण का बढ़ता प्रकोप अब शांत होने लगा है। पॉजिटिव केसों में आ रही तेजी से कमी से 46 दिनों बाद 2 जून से प्रदेश में राजधानी जयपुर सहित अन्य शहरों के बाजारों में बंद दुकानें भी सुबह 6 बजे से सुबह 11 बजे तक खुली। राजधानी जयपुर में मिनी लॉकडाउन के दूसरे दिन गुरुवार को भी बाजार भले ही खुले हों। लेकिन कारोबार बंद ही दिखाई पड़ा। इसकी सबसे बड़ी वजह दुकानों के खुलने का समय सुबह 11 बजे तक होने से ग्राहक खरीदारी करने नहीं पहुंच सका। शहर में ग्राउंड रिपोर्ट जुटाने निकले भास्कर संवाददाता को ग्राहकों की कमी से बाजारों में दुकानों के बाहर बने बरामदे खाली नजर आए। वहां सिर्फ एक दूसरे से चर्चा करते हुए दुकानदार और उनके कर्मचारी नजर आए। आज भी करीब 20 प्रतिशत दुकानें नहीं खुली। वहीं शहर की सड़कें वाहनों की बेतहाशा आवाजाही और हजारों की संख्या में निकली भीड़ से सराबोर नजर आई। इस UNLOCK हुई भीड़ से कोरोना संक्रमण के अगले कुछ दिनों में फिर से बढ़ने का संकेत नजर आने लगा। ये आलम तब है जबकि लॉकडाउन को पूरी तरह से नहीं खोला गया है। सिर्फ खरीदारी और व्यापार के लिए कुछ घंटों की छूट दी है। ऐसे में 8 जून के बाद सड़कों पर निकलने वाली भीड़ से साफ अंदाजा लगाया जा सकता है कि कुछ महीने बाद हम फिर से कोरोना की तीसरी लहर जल्द देख सकते है। बाजार में भीड़ को देखकर लग रहा है मानों फिर से कोरोना की सुनामी के संकेत दे रही हो।


सरकार की अपील बेअसर, 90 प्रतिशत दुकानों पर ग्राहक नहीं, लेकिन बाजार में भीड़

सरकार और प्रशासन की लगातार अपील के बावजूद गुरुवार 3 जून को सड़कों पर लोग सोशल डिस्टेंसिंग की धज्जियां उड़ाते हुए घूमते नजर आए। जौहरी बाजार, त्रिपोलिया बाजार, चौड़ा रास्ता, चांदपोल बाजार, रामगंज बाजार, घाटगेट बाजार के अलावा शहर में मालवीय नगर, जवाहर नगर, झोटवाड़ा, आदर्श नगर, मानसरोवर, गोपालपुरा बाईपास पर काफी भीड़ सड़कों पर दिखीं। इनमें सैंकड़ों चेहरे ऐसे भी थे, जिनके चेहरे पर मास्क भी सही ढंग से नहीं लगा था। हैरानी की बात यह है कि ज्यादातर खरीददार सिर्फ किराणे और खाने-पीने की दुकानों पर ही नजर आए। इसके अलावा गारमेंट्स, ज्वैलरी, शूज एंड शर्टिंग सहित सैंकड़ों दुकानें खाली थी। इनमें जौहरी बाजार में तो 90 प्रतिशत दुकानों पर ग्राहक नजर नहीं आए। लेकिन सबसे ज्यादा भीड़ इसी मुख्य बाजार और इसमें केजीबी का रास्ता, एमएसबी का रास्ता, गोपाल जी का रास्ता और अन्य रास्तों में थी।


लहरें तो आती रहेंगी अब व्यापारी और ग्राहक को हिसाब से चलना पड़ेगा


त्रिपोलिया बाजार में घड़ी व मशीन की दुकान करने वाले कारोबारी प्रदीप ने कहा कि लहरें तो आती रहेंगी। व्यापारी को हिसाब से व्यापार करना पड़ेगा। अपनी सुरक्षा अपने हाथों में है। काम भी करना है और बचाव भी करना होगा। दोनों बातें साथ चलेंगी। खाली घर बैठ जाएंगे। इससे कोई काम नहीं चलेगा। हमें और ग्राहक दोनों को मास्क पहनना होगा। सोशल डिस्टेंसिंग अपनानी होगी।


जयपुर व्यापार महासंघ ने की है सुबह 9 बजे से शाम 5 बजे तक दुकानें खोलनी की मांग

जयपुर व्यापार महासंघ के व्यापारियों ने मुख्यमंत्री और कलेक्टर को पत्र भेजकर मांग की है कि उनको सुबह 9 बजे से शाम 5 बजे दुकानें खोलने की अनुमति दी जाएं। ताकि बाजार में ग्राहक भी खरीदारी कर सकें और व्यापारी भी कमा सकें। सुबह 6 बजे से सुबह 11 बजे के दुकानों को खोलने की मोहलत देने से व्यापारी सरकार से खुश नहीं है। उनकी पीड़ा है कि सुबह करीब 8 बजे तक घर से दुकान पहुंचते है। इसके बाद दुकान खोलकर साफ सफाई और सामान डिस्प्ले करने में ही डेढ़ दो घंटे लग जाते है। इस बीच साढ़े 10 बजे से फिर से सामान समेटना शुरु कर देते है। ताकि 11 बजे तक दुकानें बंद हो जाए। इससे व्यापारियों को काफी परेशानी उठानी पड़ रही है।


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