सीएम जन आवास योजना के मकान महंगे हो गए हैं। बिल्डिंग मैटेरियल में लगातार हो रही बढ़ोतरी के चलते अब प्रति वर्गफुट 1100 की बजाय 1200 रुपए देने होंगे। सरकार के इस निर्णय से गरीब की जेब पर चोट लगेगी। सरकार ने वर्ष 2018 में मकान की कीमत निर्धारित की थी। तब से मकानों की कीमतों में कोई फेरबदल नहीं किया गया था।
यूडीएच की ओर से जारी आदेशों के तहत बढ़ोतरी के चलते अब योजना के प्रावधान में बदलाव किया गया है। यह कीमतें सरकारी भूमि पर निजी सहयोग से बनने वाले मकानों पर लागू होंगी।इस प्रोविजन में जी+3 मकानों का निर्माण किया जाता है। सरकार के इस निर्णय से गरीबों के मकान 20 से 25 हजार रुपए तक महंगे होंगे। इससे गरीब के लिए आवास खरीदना आसान नहीं होगा। हालांकि सरकार तर्क है कि बाजार में बिल्डिंग मैटेरियल के दामों में लगातार बढ़ोतरी हो रही हैं। सीमेंट और बजरी के दाम लगातार बढ़ने की वजह से यह निर्णय लिया गया है।
योजना में किया गया बड़ा बदलाव
आदेशों के तहत जो आवंटी अपने मकान की पूरी राशि चुका देंगे, उन्हें मकान का कब्जा उसी प्राथमिकता से दिया जाएगा। इसे लेकर भी सीएम जन आवास योजना में बड़ा बदलाव किया गया है। इस बदलाव के तहत अब लॉटरी में मकान नंबर के बजाए प्रायोरिटी नंबर दिए जाएंगे। इसी नंबर के आधार पर निर्मित मकानों का कब्जा दिया जाएगा। जो ब्लॉक पहले निर्मित हो जाएगा, उसके सभी मकानों का पहले आवंटन किया जाएगा। अब तक पूरी योजना के सभी ब्लॉक्स की एक साथ लॉटरी निकलती थी, जिसके चलते नियमित किस्त देने वाले आवंटियों को भी निर्माण का इंतजार करना पड़ात था।
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