बज्जू. जिले के सीमावर्ती क्षेत्र में भारतमाला सड़क का निर्माण होने से आवागमन में राहत जरूर मिली लेकिन किसानों को उनकी जमीन का मुआवजा नहीं मिला। इस पर पूर्व मंत्री देवीसिंह भाटी मंगलवार को गरजे, तो प्रशासन ने दस दिन का समय मांगा। पूर्व मंत्री भाटी ने बताया कि जिले के सीमावर्ती क्षेत्र के गांवों से भारतमाला सड़क निकल रही है लेकिन किसानों को उनकी जमीन का मुआवजा अभी तक नहीं मिला, जिससे किसान भटकने को मजबूर हैं। किसानों के हित में यह निर्णय करना पड़ा।
धरने पर युवा नेता अंशुमानसिंह भाटी, पूर्व मंडी चेयरमैन खींवसिंह भाटी, जीवनराम गोदारा, जीवणराम कड़वासरा, देवीलाल चौधरी, पंचायत समिति सदस्य रामकुमार गोदारा, भूरासर सरपंच गणपतसिंह सोढा, पूर्व चेयरमैन रामप्रताप खीचड़, मनोहरलाल भादू, मदनसिंह भाटी, रामेश्वरलाल सुथार, पाक विस्थापित नेता हिन्दुसिंह सोढा सहित अन्य उपस्थित रहे।
प्रशासन ने मांगा दस दिन का समय
भाटी ने कार्यकर्ताओं व किसानों के साथ धरना दिया और कहा कि जब भारतमाला सड़क पर टोल से वसूली हो रही है तो किसानों को उनकी जमीन का पैसा क्यों नही दिया गया। जाम की सूचना मिलने के बाद बज्जू उपखंड अधिकारी हरिसिंह शेखावत, भूमि अवाप्ति अधिकारी उपखंड अधिकारी कोलायत प्रदीप चाहर, बज्जू तहसीलदार सहित अन्य अधिकारी मौके पर पहुंचे व आश्वासन दिया। इस पर भाटी व समर्थकों ने धरना व जाम हटा दिया। धरने पर भाटी ने समर्थकों के साथ हवन कर प्रशासन को सद्बुद्धि देने के लिए कामना की।
यह रखी मांगें
जो किसान मुआवजे के लिए पात्र बनता है, उसका प्रस्ताव अवाप्ति अधिकारी को भेजा जाएगा। सर्वे रिपोर्ट के अनुसार जिन किसानों की भूमि भारतमाला परियोजना में आ रही है। उनकी अवाप्त भूमि की गजट नोटिफिकेशन की कार्रवाई की जाएगी। राजस्व तहसील बज्जू की ओर से यह सर्वे 10 दिन में पूर्ण करवाकर अवाप्ति अधिकारी को सर्वे रिपोर्ट भिजवाई जाएगी।
9 घंटे जारी रहा जाम व धरना-प्रदर्शन
किसानों को मुआवजा देने की मांग को लेकर भाटी व समर्थक सुबह 9 बजे धरने पर बैठ गए व भारतमाला सड़क पर बरसलपुर ब्रांच की 95 आरडी पर जाम लगा दिया। इसके चलते वाहनों का लंबा जाम लग गया। इसके बाद शाम 5.30 बजे प्रशासन से लिखित समझौता होने के बाद जाम खुला।
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