छतरगढ़. सीमावर्ती क्षेत्र नशे का अवैध व्यापार लगातार बढऱहा है। पिछले दो तीन सालों से मादक पदार्थ की तस्करी बड़ी संख्या में होने लगी है। इस दौरान दर्जनों लग्जरी गाडिय़ों भी जब्त की गई है। इन दिनों नशे की खेप एक जगह से दूसरी जगह पहुंचने के लिए तस्कर लग्जरी गाडिय़ों का उपयोग कर रहे हैं ताकि पुलिस की पकड़ में नहीं आ सके। इनकी रफ्तार पुलिस की गाडिय़ों से कई गुना ज्यादा है, जिससे तस्कर चकमा देकर व पुलिस गाड़ी को पीछे छोड़कर नशे के अवैध व्यापार को अंजाम दे रहे हैं। वहीं पुलिस भी खटारा गाडिय़ों के भरोसे जान जोखिम में डालकर तस्करों को पकडऩे के लिए नाकाबंदी कर जैसे तैसे लग्जरी गाडिय़ों से अवैध नशा बरामद कर रहे है। आखिरकार कब तक पुलिस इन खटारा जीपों के सहारे अपनी जान का दांव खेलकर पीछा करती रहेगी।
जुगाड़ से चलता काम
मादक पदार्थ की सूचना या वरदात कर भाग रहे अपराधियों का पीछा करने के लिए थाने की खटारा व वर्षो पुरानी गाडिय़ों से पीछा करना पड़ता है। कई बार थानेदार निजी वाहन एवं ग्रामीणों से वाहन लेकर बदमाशों का पीछा करते हैं। हालत यह है कि ग्रामीण क्षेत्र के थानों में जुगाड़ से काम चलाया जा रहा है। बीकानेर पुलिस अधीक्षक अन्तर्गत आने वाले खाजूवाला सीओ सर्किल के छतरगढ़, पूगल, खाजूवाला व दंतौर आदि में पुलिस पास पुरानी जीपें है। इनमें भी कुछ नकारा होने के कगार पर है।
एक मामला
थाना क्षेत्र में 13 अक्टूबर 2019 की रात को पुलिस को अवैध मादक पदार्थ तस्करी की सूचना मिली। पुलिस ने नाकाबंदी की। तभी जोधपुर की ओर से सतासर-सूरतगढ़ सड़क पर एक लग्जरी गाड़ी आई। गाड़ी चालक ने पुलिस पर फायङ्क्षरग भी की। बदमाशों की गाड़ी का पीछा कर रही पुलिस की गाड़ी का रेडिएटर पाइप फट गया। इसके बाद छतरगढ़ थानाधिकारी ने निजी वाहनों से बदमाशों का पीछा किया और ग्रामीणों की मदद से तस्करों को दबोच पाई।
इनका कहना है
&पुलिस में वाहनों के लिए समय सीमा और किलोमीटर निर्धारित है। इन दोनों में से कोई एक नियमों से बाहर हो जाए तो गाड़ी बदलने का प्रावधान है। थानों में अपराधियों, तस्करों को पकडऩे के लिए सुविधाजनक व लग्जरी गाड़ी मुहैया कराने का मामला पुलिस मुख्यालय स्तर का है।
जय कुमार भादू, एसएचओ पुलिस थाना छतरगढ़
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