नगर निगम के पीछे रहने वाला एक बुजुर्ग अपने पुत्र का मृत्यु प्रमाण पत्र लेने के लिए कई दिनों से पीबीएम में भटक रहा है, लेकिन उसकी सुनवाई नहीं हो रही है। पिता का कहना है कि अगर मृत्यु प्रमाण पत्र मिल जाए, तो पुत्र वधू के लिए पेंशन स्वीकृति के लिए प्रयास किया जाए।
नगर निगम के पीछे रहने वाले शंकरलाल मेहरा के पुत्र सुभाष (35) की 19 मई को पीबीएम अस्पताल के डी वार्ड में बीमारी के कारण मृत्यु हो गई। इसके कई दिन गुजरने के बाद जब शंकरलाल अपने पुत्र का मृत्यु प्रमाण पत्र लेने नगर निगम गए, तो वहां पर उन्हें जवाब मिला कि पीबीएम अस्पताल प्रशासन ने अभी तक मृत्यु की सूचना नहीं भेजी है। इसके लिए पीबीएम अस्पताल जाना होगा। परेशान बुुजुर्ग शंकरलाल वापस पीबीएम अस्पताल आए लेकिन उन्हें संतोषजनक जवाब नहीं मिवा। वे पूर्व पार्षद उम्मेदसिंह राजपुरोहित को साथ लेकर पीबीएम अस्पताल आए।
दोनों जने अस्पताल के रिकॉर्ड रूम गए लेकिन वहां पर भी वार्ड से मृत्यु की सूचना नहीं भेजी गई। जब वार्ड में गए तो उन्हें यह कह कर रवाना कर दिया की मृत्यु की सूचना पत्र पर हस्ताक्षर करने वाले चिकित्सक नहीं है। इस वजह से मृत्यु की सूचना रिकॉर्ड रूम भेजने में देरी होगी। उधर अस्पताल के अधीक्षक डॉ. पीके सैनी ने बताया कि उनके पास पहली बार ही शिकायत लेकर आए थे। उनकी बात सुन ली और मंगलवार को मृत्यृ संबंधी सूचना नगर निगम भेज दी जाएगी। रेजीडेन्ट चिकित्सक के अवकाश पर होने के कारण रिकॉर्ड रूम में सूचना भेजने में विलंब हो गया था।
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