बीकानेर.महाजन. भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो बीकानेर की टीम ने बुधवार को महाजन थाने में जब्त ट्रक को छोड़ने की एवज में पांच हजार की रिश्वत लेते हेडकांस्टेबल को रंगे हाथों पकड़ा है। टीम ने आरोपी हेडकांस्टेबल का विशेष रसायन लगे घोल से हाथ धुलवाए। जिसका रंग गुलाबी आ गया। टीम ने रिश्वत में ली राशि जब्त कर ली है। पुलिस अधीक्षक देवेन्द्र बिश्नोई ने बताया कि महाजन थाने में पहले से एक ट्रक जब्त खड़ा है। उसका मालिक हेडकांस्टेबल महेश कुमार से मंगलवार को मिला।
आरोपी हेडकांस्टेबल ने ट्रक को छोड़ने की एवज में पांच हजार रुपए की रिश्वत की मांग की। परिवादी ने मंगलवार को ही एसीबी पुलिस अधीक्षक को शिकायत की। अधीक्षक ने एसीबी स्पेशल यूनिट के अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक महावीर शर्मा के नेतृत्व में शिकायत का सत्यापन कराया। बुधवार को पुलिस निरीक्षक पिंकी गंगवाल, गुरमेलसिंह के नेतृत्व में हेडकांस्टेबल मंगतूराम, कांस्टेबल दामोदरसिंह, जोगेन्द्रसिंह, जमील अहमद की टीम ने कार्रवाई को अंजाम दिया। आरोपी नीमकाथाना के नीमड़ा गांव का रहने वाला है।
परिवादी के इशारा करते ही थाने में दबोच लिया
पुलिस निरीक्षक पिंकी गंगवाल ने बताया कि परिवादी को पांच हजार रुपए देकर आरोपी हेडकांस्टेबल के पास भेजा। परिवादी ने थाने में जाकर हेडकांस्टेबल को पांच हजार रुपए दिए और उससे कुछ रुपए वापस भी मांगे लेकिन उसने नहीं दिए। इसके बाद परिवादी ने एसीबी की टीम को इशारा कर दिया। एसीबी की टीम ने तुरंत हेडकांस्टेबल को दबोच लिया। हेडकांस्टेबल के पहनी शर्ट की जेब से पांच हजार रुपए बरामद किए।
आरोपी की पत्नी शिक्षक, घर पर तलाशी
पुलिस के मुताबिक आरोपी हेडकांस्टेबल की पत्नी शिक्षक है। सिर में चोट लगने की वजह से पिछले काफी समय से यह पुलिस लाइन में ही पदस्थापित रहा। पिछले छह माह से महाजन थाने में पदस्थापित है। आरोपी ने जब्तशुदा ट्रक को छोड़ने के लिए दस हजार रुपए की रिश्वत मांगी थी लेकिन बाद में सौदा पांच हजार में तय हुआ।
महाजन थाने में 10 साल में 5 पुलिसकर्मी ट्रेप
महाजन पुलिस थाने में अब तक तीन ट्रेप की कार्रवाई में पांच पुलिसकर्मी हत्थे चढ़ चुके हैं। वर्ष 2011-12 में एएसआइ अमरचंद, वर्ष 2018 में जैतपुर चौकी में तैनात हेडकांस्टेबल शिवराम मीणा, कांस्टेबल राकेश कुमार स्वामी व कांस्टेबल देवीलाल एवं अब वर्ष 2022 में महाजन थाने का हेडकांस्टेबल महेश कुमार मेघवाल पांच हजार की रिश्वत लेते पकड़ा गया है।
ट्रक में भरी थी पीओपी
जानकारी के मुताबिक जब्त ट्रक मेें पीओपी भरी थी। ट्रक को हेडकांस्टेबल महेश कुमार ने दो दिन पहले रात को चैकिंग के दौरान आगे-पीछे की नंबर प्लेट में गड़बड़ी के चलते थाने में खड़ा करवा दिया और चालान नहीं बनाया था। फिर गाड़ी को छोड़ने की एवज में दस हजार रुपए की मांग करने लगा।
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