ध्रुव शर्मा ने 14 की उम्र में दर्ज किए दो:कलरिमेट्रिक वेलनेस और एंटीबायोटिक ऑथेंटिसिटी स्ट्रिप का किया आविष्कार

rajasthan, jaipur जयपुर के जयश्री पेरीवाल ग्लोबल स्कूल (आईजीसीएसई बोर्ड) के कक्षा 8 के छात्र ध्रुव शर्मा ने कम उम्र में ही असाधारण प्रतिभा का प्रदर्शन किया है। मात्र 14 वर्ष की आयु में, उन्होंने दो महत्वपूर्ण आविष्कारों के लिए पेटेंट फाइल किए हैं, जो स्वास्थ्य और औषधीय गुणवत्ता जांच के क्षेत्र में क्रांति लाने की क्षमता रखते हैं। ध्रुव का पहला आविष्कार एक कलरिमेट्रिक वेलनेस स्ट्रिप है, जो एक सरल लेकिन प्रभावी स्वास्थ्य निगरानी उपकरण है। यह स्ट्रिप शरीर के तरल पदार्थों, जैसे पसीने, लार या मूत्र के संपर्क में आने पर रंग परिवर्तन के माध्यम से महत्वपूर्ण स्वास्थ्य जानकारी प्रदान करती है। ध्रुव का दूसरा आविष्कार एंटीबायोटिक ऑथेंटिसिटी स्ट्रिप है, जो एक अभिनव तकनीक है जो मौखिक एंटीबायोटिक टैबलेट की प्रामाणिकता को सत्यापित करने में मदद करती है। यह स्ट्रिप यह निर्धारित करने में सक्षम है कि कोई टैबलेट असली है या नकली, जिससे नकली दवाओं के खतरे से निपटने में मदद मिलती है। ध्रुव के पिता, डॉ. ऋषि शर्मा, अंतरराष्ट्रीय स्तर पर प्रसिद्ध इम्युनोथैरेपी ऑन्कोलॉजी विशेषज्ञ हैं। उनकी माता, अंजू शर्मा, एक गृहिणी हैं, जिन्होंने ध्रुव की शैक्षणिक और रचनात्मक यात्रा में पूरा सहयोग दिया है। विद्यालय में ध्रुव की इस उपलब्धि पर खुशी का माहौल है। विद्यालय की प्रिंसिपल मंजू खोसला, सोनिया आहूजा और विज्ञान संकाय के शिक्षकों - शिल्पी, अर्पिता, आंचल, तनय और जे.के.आर. के मार्गदर्शन और प्रेरणा को इस सफलता का श्रेय दिया गया। विद्यालय के शिक्षकों ने बताया कि कक्षा 8 के छात्र ध्रुव की यह उपलब्धि भविष्य में चिकित्सा और अनुसंधान के क्षेत्र में महत्वपूर्ण योगदान की मजबूत नींव है। rajasthan, jaipur


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