दिव्यांग शैली ने व्हीलचेयर पर शुरू की निशुल्क पाठशाला:घुड़सवारी हादसे के बाद भी संवार रही बच्चों का भविष्य

rajasthan, jaipur करौली की शैली अग्रवाल, जो खुद दिव्यांग हैं, वह सैकड़ों बच्चों को निशुल्क शिक्षा प्रदान कर रही हैं। उन्होंने अपनी व्हीलचेयर पर बैठकर यह पाठशाला शुरू की है, जिससे शिक्षा से वंचित बच्चों का भविष्य संवर रहा है।
बचपन में घुड़सवारी के दौरान हुए एक हादसे में शैली के पैरों की खड़े होने की शक्ति चली गई थी। इसके बावजूद, उन्होंने शिक्षा के क्षेत्र में काम करने का निश्चय किया। 3 साल में बड़ी मुहिम बनी शुरुआत
शैली ने अपनी निशुल्क पाठशाला की शुरुआत एक कामकाजी महिला की छोटी बच्ची को पढ़ाकर की थी। वह बच्ची अकेली पढ़ने आती थी, और एक दिन उसने शैली से पूछा कि क्या वह अपने साथ 2 और बच्चों को ला सकती है।
यह छोटी सी शुरुआत 3 साल में एक बड़ी मुहिम बन गई। अब इस पाठशाला में लगभग 100 बच्चे पढ़ते हैं, जिनमें से कई ऐसे है, जिन्होंने पहले कभी स्कूल का नाम तक नहीं सुना था। नए खेल भी सिखाती है
भगत पाठशाला में लगभग 2 साल से पढ़ रही सना खान बताती हैं, "दीदी हमें स्कूल से भी अच्छा पढ़ाती हैं। पढ़ाई के साथ-साथ वह हमें ड्राइंग, डांस और रविवार को नए खेल भी सिखाती हैं।"
शैली अग्रवाल आज भी अपने पैरों पर खड़ी नहीं हो पाती हैं। वह अपनी व्हीलचेयर पर बैठकर ही पूरी पाठशाला की शिक्षण व्यवस्था, कक्षाओं और अन्य गतिविधियों का संचालन करती हैं। rajasthan, jaipur


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