मरु कोकिला सीमा मिश्रा की आवाज़ में फिर गूंजा राजस्थानी लोक-आत्मा का स्वर
सर्वेश भट्ट. कला समीक्षक
राजस्थानी लोक-संगीत की अमर परंपरा को एक बार फिर नई संवेदना और गरिमा के साथ प्रस्तुत करते हुए स्वर माधुरी मल्टीमीडिया ने लोकगीत “सखी संग घूमर घालूँगी” को संगीत प्रेमियों के बीच प्रस्तुत किया है। मरु कोकिला सीमा मिश्रा की सुमधुर, भावपूर्ण और आत्मा को छू लेने वाली आवाज़ में यह गीत केवल एक प्रस्तुति नहीं, बल्कि लोक-संस्कृति की जीवंत अनुभूति बनकर सामने आया है।
परंपरा, स्मृति और भाव का अनूठा संगम
नई पीढ़ी के लिए लोक संस्कृति का महत्वपूर्ण दस्तावेज
लोकगीत का वीडियो स्वर माधुरी मल्टीमीडिया के आधिकारिक चैनल पर जारी किया गया है I
स्वर माधुरी मल्टीमीडिया द्वारा निरंतर किए जा रहे लोक-संगीत के प्रयासों में यह 6ठी प्रस्तुति एक महत्वपूर्ण कड़ी मानी जा रही है, जो राजस्थानी लोककला को आधुनिक मंच पर सम्मानपूर्वक स्थापित करती है।
स्वर माधुरी मल्टीमीडिया के निदेशक शिव विनायक की अपील
इस अवसर पर स्वर माधुरी मल्टीमीडिया के निदेशक शिव विनायक शर्मा ने राजस्थानी लोकगीत–संगीत प्रेमियों से अपील की है कि वे इस लोकगीत को अधिक से अधिक सुनें, सराहें और अपनी अगली पीढ़ी तक पहुँचाएँ, ताकि हमारी सांस्कृतिक विरासत सतत प्रवाहित होती रहे।
गीत के ऑडियो-वीडियो का विवरण
गीत - सखी संग घूमर घालूँगी
गायिका - सीमा मिश्रा
संगीत निर्देशक/गीत - अली गनी
अरेंजर-अरविन्दर सिंह
रिकॉर्डेड - अरुण वीर सरस्वती स्टूडियो दिल्ली
डीओपी - विकास खोवाल
एडिटर/ डीआई -रक्षा प्रजापति
प्रस्तुति - सीमा मिश्रा/अंशु सैनी
डायरेक्शन - एस पी जोधा / रक्षा
मेकअप - रोज़ खान
कोरियोग्राफर - ज्योति शेखावत
वीडियो प्रोडक्शन - एरिया 51 प्रोडक्शन
लेबल-स्वर माधुरी
निर्माता - शिव विनायक शर्मा/सीमा मिश्रा
कॉपीराइट - स्वर माधुरी मल्टीमीडिया एलएलपी
रिलीज़ दिनांक - 21 - 12 - 2025
प्रकाशक - हूपो मीडिया प्रा. लिमिटेड
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