rajasthan, jaipur मेड़ता उपखंड कार्यालय पर किसानों का विरोध प्रदर्शन मंगलवार को दूसरे दिन भी जारी रहा। अपनी लंबित मांगों को लेकर सोमवार को कार्यालय पर ताला जड़ने वाले किसान रातभर वहीं डेरा डाले रहे। किसान नेता पूर्व विधायक रामचंद्र जारोड़ा, सुशील रियाड़ और मनीष मिर्धा की अगुवाई में सैकड़ों किसान अभी भी धरने पर बैठे हुए हैं। किसानों ने चेतावनी दी थी कि जब तक उनकी समस्याओं का लिखित में समाधान नहीं दिया जाता, ताला नहीं खोला जाएगा और आंदोलन जारी रहेगा। मंगलवार सुबह 11 बजे तक भी प्रशासनिक अमले की तरफ से किसानों से बातचीत करने के लिए कोई अधिकारी नहीं पहुंचा है। उपखंड कार्यालय का ताला अब भी बंद है, जिससे सरकारी कामकाज पूरी तरह ठप पड़ा हुआ है। प्रशासन पर अनदेखी का आरोप किसान नेताओं ने प्रशासन की इस अनदेखी पर गहरा आक्रोश व्यक्त किया है। उनका कहना है कि लंबे समय से बिजली, मुआवजे, सहकारी समितियों और फसल खरीद से जुड़ी समस्याओं को लेकर उन्हें परेशान किया जा रहा है, लेकिन अधिकारी जानबूझकर समाधान से कतरा रहे हैं। किसान अब आर-पार की लड़ाई के मूड में हैं और उन्होंने स्पष्ट कर दिया है कि जब तक सरकार वास्तविक समाधान के साथ सामने नहीं आती, तब तक ताला खोलने पर विचार नहीं किया जाएगा। प्रशासन की चुप्पी से किसानों में रोष व्याप्त है। यह है पूरा मामला दरअसल, मेड़ता उपखण्ड क्षेत्र में खरीफ फसल को भारी बारिश के कारण फसलों को नुकसान हुआ था। फसल खराबे का मुआवजा मेड़ता उपखण्ड के 57 गांवों के लिए तो जारी किया गया लेकिन 74 गांवों को पूरी तरह से वंचित कर दिया गया। जिसकी वजह से इन गांवों के हजारों किसानों को मुआवजा नहीं मिला जिसको लेकर किसानों में रोष है। किसानों ने पहले भी इसको लेकर प्रदर्शन किया था लेकिन प्रशासन द्वारा इस पर कोई कार्रवाई नहीं किए जाने से आक्रोषित किसानों ने कल मेड़ता उपखण्ड कार्यालय को ताला जड़ दिया और वहीं धरने पर बैठ गए। यह धरना रात में भी जारी रहा और सुबह 11:30 बजे तक भी कोई प्रशासनिक अधिकारी बातचीत के लिए नहीं पहुंचा है। बोले- कोई मिलने नहीं आया धरने की अगुवाई कर रहे मनीष मिर्धा ने बताया कि प्रशासन ने 74 गांवों के किसानों के साथ कुठाराघात किया है। हम कल दिनभर धरने पर बैठे रहे लेकिन उपखण्ड अधिकारी कल कार्यालय नहीं आए जबकि वो छुट्टी पर भी नहीं है और आज अब तक एसडीएम नहीं आई हैं। जबकि कार्यालय का समय 10 बजे है। उन्होंने कहा कि हम ऐसे अधिकारी से बात करना चाहते हैं जो हमारी समस्या का समाधान निकाल सके और जब तक समाधान नहीं होता हम यहीं धरने पर बैठे रहेंगे। rajasthan, jaipur
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