- भारत सरकार के संस्कृति मंत्रालय ने जारी किया आधिकारिक पत्र, 2 वर्षों का होगा कार्यकाल
पटना
बिहार की सुविख्यात लोक गीत एवं उपशास्त्रीय संगीत गायिका और कला मर्मज्ञ डॉ. नीतू कुमारी 'नूतन' को भारत सरकार के संस्कृति मंत्रालय के अधीन स्वायत्त संस्थान पूर्वी क्षेत्र सांस्कृतिक केन्द्र (ईजेडसीसी) कोलकाता के प्रतिष्ठित शासी निकाय का सदस्य मनोनीत किया गया है। भारत सरकार की संस्कृति मंत्रालय से मिली मंजूरी के बाद, ई.जेड.सी.सी. के निदेशक आशीष कुमार गिरी ने इस संबंध में आधिकारिक नियुक्ति पत्र जारी कर दिया है। डॉ. नीतू कुमारी नूतन का यह मनोनयन दो वर्षों के कार्यकाल के लिए किया गया है, जो 7 मई, 2026 से प्रभावी माना जाएगा। ईजेडसीसी के संशोधित नियमों के तहत पूर्वी भारत के विभिन्न राज्यों से कला और संस्कृति के क्षेत्र में उत्कृष्ट योगदान देने वाली देश की 9 लोगों को इस बोर्ड में जगह दी गई है। इसमें बिहार का प्रतिनिधित्व करने की जिम्मेदारी सर्वसम्मति से डॉ. नीतू कुमारी नूतन को सौंपी गई है। यह निर्णय माननीय संस्कृति मंत्री, भारत सरकार की विशेष स्वीकृति के बाद लिया गया है।
बोर्ड में शामिल होने पर प्रसन्नता व्यक्त करते हुए डॉ. नीतू कुमारी नूतन ने भारत सरकार, संस्कृति मंत्रालय और ई.जेड.सी.सी. के प्रति आभार व्यक्त किया है साथ ही बिहार सरकार को भी आभार किया जिन्होंने उनकी कार्यशैली की उत्कृष्टता देखते हुए प्रोग्राम कमिटी के सदस्य के रूप में ईजेडसीसी में पहले से कार्य करने हेतु भेजा है और अब भारत सरकार भी। उन्होंने कहा कि "यह केवल मेरा सम्मान नहीं, बल्कि बिहार की समृद्ध लोक संस्कृति, यहां के अनमोल गीतों और संघर्षशील कलाकारों का सम्मान है। मेरा प्रयास रहेगा कि आगामी दो वर्षों के कार्यकाल में बिहार की पारंपरिक लोक कलाओं, गुमनाम विधाओं और यहां के स्थानीय कलाकारों को ईजेडसीसी के माध्यम से एक बड़ा राष्ट्रीय और अंतर्राष्ट्रीय मंच प्रदान करा सकूं।"
ईजेडसीसी के निदेशक आशीष कुमार गिरी ने डॉ. नूतन को बधाई देते हुए विश्वास जताया कि उनके व्यापक सांस्कृतिक अनुभवों का लाभ न केवल बिहार को, बल्कि पूरे पूर्वी भारत के सांस्कृतिक ताने-बाने को मजबूत करने में मिलेगा। नवगठित शासी निकाय आगामी दो वर्षों में सांस्कृतिक आदान-प्रदान, क्षेत्रीय कलाओं के संरक्षण और नए नीतिगत निर्णयों में अपनी महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।
डॉ नीतू कुमारी नूतन की अभी वर्तमान के 4 कार्यभारों के श्रृंखला में संगीत नाटक अकादमी भारत सरकार की
बिहार लोक विद्या की
राज्य गुरु हैं,साथ ही राज्यपाल द्वारा लोक भवन से भारतीय नृत्य कला मंदिर कला संस्कृति विभाग बिहार सरकार की प्रबंधन समिति की सदस्य हैं एवं इसके अलावा ईजेडसीसी में कला संस्कृति एवं युवा विभाग बिहार सरकार से कार्यक्रम समिति सदस्य के रूप में कार्य करते हुए अपने गायन प्रस्तुति से बिहार के सुसंस्कृति को देश- दुनिया में गौरवान्वित कर एक अलग और बड़ी लकीरें खींचती आ रही हैं जो बिहार के लिए गौरव की बात है।
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