लता के अमर गीतों से सजी ‘मेरी आवाज ही मेरी पहचान है’ की सुरमयी शाम

मरु कोकिला सीमा मिश्रा, रविंद्र उपाध्याय, सुदेश शर्मा, मधु भाट, रवि जैन और जावेद हुसैन ने लता के सदाबहार गीतों से दी स्वरांजलि


जयपुर। कभी ‘तू जहां जहां चलेगा मेरा साया साथ होगा’ की भावपूर्ण अभिव्यक्ति, तो कभी ‘परदेसिया’ की चंचलता और ‘मोरनी बागा मां’ की लोक रंगत। भारत रत्न लता मंगेशकर की 97वीं जयंती पर सोमवार शाम बिरला ऑडिटोरियम उनके अमर गीतों और संगीत की स्मृतियों से गूंज उठा। ‘मेरी आवाज ही मेरी पहचान है’ सीजन-4 में आयोजक और गायिका मधु भाट के साथ राजस्थान की लता के रूप में प्रख्यात गायिका सीमा मिश्रा,बॉलीवुड गायक रविंद्र उपाध्याय, सुदेश शर्मा डॉ गौरव, जैन, दीपशिखा जैन,रवि जैन (आई ए एस) और जावेद हुसैन सहित अनेक कलाकारों ने लता के अलग अलग दौर के गीतों को स्वर देकर उनकी संगीत विरासत को नमन किया।


मधुज बैंड, सच बेधड़क मीडिया ग्रुप, गणगौर टेलीविजन और राज आंगन रिसोर्ट की ओर से आयोजित संगीत संध्या का आगाज सरस्वती वंदना और ‘लता मां एंथम’ से हुआ। इसके बाद गीतों का ऐसा सिलसिला शुरू हुआ, जिसमें भक्ति, विरह, प्रेम और उल्लास के विविध रंग उभरते रहे।


मधु भाट की प्रस्तुतियों में दिखे लता के गीतों के विविध रंग


मधु भाट शाम की प्रस्तुतियों के केंद्र में रहीं। उन्होंने सुदेश शर्मा के साथ ‘सोलह बरस की’, रवि जैन के साथ ‘बेखुदी में सनम’ और ‘जिसका मुझे था इंतजार’, जावेद हुसैन के साथ ‘ये दिल तुम बिन’, ‘मेरे प्यार की उमर हो’ और ‘दीदी तेरा देवर दीवाना’, संजय रायजादा के साथ ‘जो वादा किया’ तथा रविंद्र उपाध्याय के साथ ‘परदेसिया’ जैसे लोकप्रिय गीत प्रस्तुत किए। उनकी एकल प्रस्तुति ‘बहना ने भाई की कलाई’ और ‘मोरनी बागा मां’ ने भी श्रोताओं को लता की गायकी के अलग अलग रंगों से जोड़ा।



मरु कोकिला सीमा मिश्रा, रविंद्र,जावेद और सुदेश ने छोड़ी छाप

 लोकप्रिय गायिका मरु कोकिला सीमा मिश्रा ने ‘ऐसी भी बातें होती हैं’ और ‘जिस पथ पे चला’ को अपनी विशिष्ट गायकी में प्रस्तुत कर गीतों के भाव पक्ष को उभारा। रविंद्र उपाध्याय ने ‘राम भजन कर मन’ से भक्ति रस घोला, वहीं मधु भाट के साथ उनकी ‘परदेसिया’ की प्रस्तुति ने माहौल में उत्साह भर दिया। सुदेश शर्मा ने ‘पत्ता पत्ता’ और ‘कोयल बोली’ के साथ अपनी गायकी का प्रभाव छोड़ा, जबकि मधु भाट के साथ ‘सोलह बरस की’ में उनकी युगल प्रस्तुति को भी श्रोताओं ने सराहा।


इन कलाकारों ने भी दी प्रस्तुति 


संगीत संध्या में संजय रायजादा, जावेद हुसैन, किरण भाट, पूजा भाट, पिंकी और माधुरी शर्मा ने भी लता के लोकप्रिय गीतों की प्रस्तुतियां दीं। आशा भोसले के गीतों का विशेष मेडले और सुमन कल्याणपुर को समर्पित प्रस्तुति भी शाम का हिस्सा रही। लता के सदाबहार गीतों की यह श्रृंखला उनकी आवाज और भारतीय फिल्म संगीत को दिए उनके अतुलनीय योगदान की स्मृतियों को एक बार फिर जीवंत कर गई।


                          सर्वेश भट्ट. कला समीक्षक 


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