‘काली रे कलायण’ एल्बम में हुआ प्रकृति और नारी मन का मार्मिक संवाद
स्वर माधुरी मल्टीमीडिया की 16वीं प्रस्तुति में पद्मश्री अली-गनी की रचना और संगीत ने विरह की अनुभूति को दिया गहरा लोक रंग
सर्वेश भट्ट. कला समीक्षक
राजस्थानी लोकगीतों में प्रकृति केवल दृश्य नहीं रचती, वह मन के भीतर चल रहे भावों की सहयात्री भी बनती है। स्वर माधुरी मल्टीमीडिया की 16वीं प्रस्तुति “काली रे कलायण उम्मट रही, झम-झम बैरण बरस रही” इसी लोक-संवेदना को बड़ी आत्मीयता से अभिव्यक्त करती है। पद्मश्री सम्मानित मांड गायक अली मोहम्मद और गनी मोहम्मद की रचना और संगीत तथा मरु कोकिला सीमा मिश्रा की भावपूर्ण गायकी इसे एक मार्मिक विरह-गीत का स्वरूप देती है।
जब सावन ही बन जाए बैरण
गीत की खूबसूरती उसके भाव-विरोध में है। बाहर काली घटाएं उमड़ रही हैं, बारिश धरती को भिगो रही है और प्रकृति उल्लास में है, लेकिन प्रिय से दूर नायिका के लिए यही सावन ‘बैरण’ बन जाता है। वर्षा की हर बूंद प्रिय की स्मृति जगाती है और मिलन की ऋतु विरह की पीड़ा को और गहरा करती जाती है।
सीमा के स्वरों में विरह की नमी
सीमा मिश्रा इस भाव को अपनी गायकी में बहुत सहजता से साधती हैं। उनके स्वर में विरह की करुणा है, लेकिन वह विलाप में नहीं बदलती। उसमें प्रतीक्षा का ठहराव, प्रेम का समर्पण और प्रिय के लौटने की मूक आशा बनी रहती है। यही संयम गीत को प्रभावशाली बनाता है।
प्रकृति और मन का सुंदर तादात्म्य
अली-गनी का संगीत गीत के शब्दों पर हावी होने के बजाय उनकी संवेदना को विस्तार देता है। बादल, बारिश, भीगी माटी और प्रतीक्षारत नायिका मिलकर ऐसा लोक-दृश्य रचते हैं, जिसमें बाहर बरसता सावन भीतर उमड़ते विरह का रूपक बन जाता है।
“काली रे कलायण…” स्वर माधुरी मल्टीमीडिया की लोकयात्रा में ऐसी प्रस्तुति है, जो याद दिलाती है कि राजस्थान का लोक-संगीत केवल उत्सव का संगीत नहीं, बल्कि मनुष्य की सूक्ष्मतम अनुभूतियों का भी संवेदनशील दस्तावेज है।
गीत के ऑडियो-वीडियो का सृजन पक्ष
गीत – काली रे कलायण उम्मट रही
गायिका – सीमा मिश्रा
गीत एवं संगीत – अली-गनी
संगीत संयोजन – अरविंदर सिंह
रिकॉर्डिंग – अरुण वीर, सरस्वती स्टूडियो, दिल्ली
अभिनय – सीमा मिश्रा, दीक्षा शेखावत एवं विक्की
मेकअप – पिंकी
निर्देशन, पटकथा एवं परिकल्पना – जतिंदर सिंह
छायांकन, डीआई एवं संपादन – जतिंदर सिंह
सहायक निर्देशक – केशर सिंह राठौड़
कैमरा एवं छायांकन सहयोग – दीपक प्रजापति
प्रोडक्शन प्रबंधन – माइकल वशिष्ठ
कला निर्देशन – विनय राठौड़
सेट प्रबंधन – डी पंडित, सवाई एवं खुशी
प्रोडक्शन टीम – केशर सिंह, दीपक प्रजापति, विनय राठौड़, हितेश चौहान एवं युवराज सिंह
वीडियो प्रोडक्शन – एरिया 51 प्रोडक्शन
निर्माता – शिव विनायक शर्मा एवं सीमा मिश्रा
लेबल – स्वर माधुरी मल्टीमीडिया
कॉपीराइट – स्वर माधुरी मल्टीमीडिया एलएलपी
सह-प्रकाशक – हूपो मीडिया प्रा. लि.
रिलीज़ – 21 सितंबर 2026
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